Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

साहित्य

आईपीएस अमित श्रीवास्तव की किताब ‘तीन’ में क्या है!

धीरेंद्र प्रताप सिंह-

जब आपको अपने बचपन की स्मृतियों से बेहद गहरा लगाव हो। किसी पुराने परिचित की नई पुस्तक मिल जाए जो आपको उसी बचपने के नैस्टल्जिया में पहुँचा दे तो ज़ाहिर है फिर आप एक ही बैठक में उस पुस्तक को पढ़ डालेंगे।

हमारे सुपर सीनियर डॉ नितिन उपाध्याय जी की फेसबुक पोस्ट से मुझे भी एक ऐसी ही नस्तैलजिक पुस्तक के बारे में जानकारी मिली और बस ख़रीद लाया और एक ही बैठक में सदियाँ जी आया फिर।

जी हाँ मैं उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी श्री अमित श्रीवास्तव जी की नवीन कृति “तीन” की बात कर रहा हूँ। मैं कह सकता हूँ अमित श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई यह एक उत्कृष्ट रचना है, जो तीन पीढ़ियों के जीवन, संघर्षों और बदलावों की कहानी को बयान करती है। यह उपन्यास खासकर उन पाठकों के लिए आकर्षक है जो 1970 और 1980 के दशक में मिडिल क्लास भारतीय परिवारों में पले-बढ़े हैं, क्योंकि यह उस दौर की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि को जीवंत करती है।

लेखक ने अपनी कहानी में नॉस्टैल्जिया, इतिहास की अनकही दास्तानों और व्यंग्य को बखूबी पिरोया है, जो इसे गंभीर विषयों के साथ-साथ मनोरंजक भी बनाता है। पूरी पुस्तक देश के अत्यंत पुराने शहर जौनपुर पर आधारित है।

मैंने भी कई साल अपनी पढ़ाई के दौरान इस शहर में बिताये है। इसलिए इसको पढ़ते हुए ऐसा लगा जैसे एक बार फिर से ढाई दशक बाद मैं वही उन्हीं गलियों में घूम रहा हूँ। वही ओलांदगंज, कचहरी तिराहा, कलेक्ट्रेट परिसर, शाही क़िला, शाहीपुल और भी बहुत कुछ। बिल्कुल ऐसा लगा जैसे किसी टाइम मशीन में बैठ कर पच्चीस साल पुराने समय में आ गया हूँ।

आपको बताते चले की अमित श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और अभी कुछ दिनों पहले तक उत्तरकाशी जिले के एसपी भी रहे। वर्तमान में उत्तराखंड के देहरादून में रहते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रवाहमयी और पाठक के मन को छूने वाली है। इससे पहले उन्होंने “गहन है यह अंधकार” और “कोतवाल का हुक्का” कोविड ब्लूज़ जैसी चर्चित पुस्तकें लिखी हैं, जो उनकी लेखकीय प्रतिभा का प्रमाण हैं। “तीन” में उन्होंने पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक बदलावों और व्यक्तिगत सपनों को एक साथ बुना है, जो इसे एक बहुआयामी कथा बनाता है।

पुस्तक का कवर डिज़ाइन भी ध्यान आकर्षित करने वाला है, जिसमें पुरानी दीवार, हरी पत्तियां और एक कैलेंडर का टुकड़ा शामिल है, जो समय और स्मृतियों के मेल को दर्शाता है। यह पुस्तक अमेजन और अन्य ऑनलाइन बुक स्टोर्स पर उपलब्ध है, जहां से इसे खरीदा जा सकता है। यह पुस्तक पाठकों के बीच अपनी गहरी कहानी और भावनात्मक गहराई के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन