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सियासत

ईरान ने भारतीय मीडिया की कवरेज पर आपत्ति जताई!

सुरेंद्र राजपूत-

भारत में ही नहीं गोदी मीडिया विदेश में भी हिंदुस्तान की साख को बट्टा लगा रहा है! जिस जिस चैनल ने ऐसी-ऐसी खबर चलाई हो उसे तुरंत समन किया जाना चाहिये और उसके ख़िलाफ़ कठोर वैधानिक कार्यवाही होनी चाहिये।


नरेंद्र नाथ मिश्रा-

टीवी मीडिया का एक और कारनामा। ईरान ने भारत की मीडिया कवरेज पर आपत्ति जताई! भारत-ईरान के बीच बहुत मजबूत कूटनीतिक संबंध रहे हैं। ईरान ने भारत का हर मौके पर साथ दिया है।

लेकिन हाल के सालों में देश की मीडिया ने कई देशों से संबंधों को ख़राब करने में अहम भूमिका निभाई है!


अशोक कुमार पांडेय-

गोदी मीडिया ने सारी दुनिया को हमारा दुश्मन बनाने का ठेका लिया है। इनसे बड़ा देशद्रोही कोई नहीं।

ईरान के सुप्रीम लीडर को लेकर जिस तरह घटिया ख़बरें चलाई गईं हैं वह शर्मनाक है। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए।


“ईरानी दूतावास ने कहा है कि भारतीय मीडिया को झूठी और गढ़ी हुई खबरें प्रकाशित कर जनता के भरोसे और पेशेवर विश्वसनीयता से समझौता नहीं करना चाहिए।

हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ भारतीय समाचार संस्थानों, जिनमें प्रमुख मीडिया हाउस भी शामिल हैं, ने ईरान और उसके नेतृत्व के खिलाफ आधारहीन और अपमानजनक रिपोर्टें प्रकाशित की हैं। दूतावास ने ऐसे गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग की कड़ी आलोचना की है, जो न सिर्फ जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं, बल्कि मीडिया संस्थानों की पेशेवर साख को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

दूतावास ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक लोगों की पहुंच के अधिकार का पूरा सम्मान करता है, लेकिन मीडिया से अपील करता है कि वे केवल विश्वसनीय और निष्पक्ष स्रोतों पर ही भरोसा करें और ईरान के संबंध में सनसनीखेज व भ्रामक सामग्री से बचें।

इसके साथ ही, दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता, जो सशस्त्र बलों के प्रमुख भी हैं, उन्होंने हाल ही में ज़ायोनिस्ट शासन (इज़राइल) द्वारा थोपे गए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान सैन्य संचालन को सफलतापूर्वक नेतृत्व दिया। इस युद्ध में ईरान ने आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए ज़ायोनिस्ट शासन को करारी शिकस्त दी।

अंत में, दूतावास ने उम्मीद जताई कि भारतीय मीडिया पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखेगा, बाहरी प्रचार अभियानों का हिस्सा नहीं बनेगा और भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक मित्रता और परस्पर सम्मान के रिश्ते को मजबूत करने में योगदान देगा।”

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