Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

दस रुपया नकद देकर झालमुड़ी खरीदने वाले मोदीजी Paytm के पोस्टर ब्वाय भी हैं!

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाली कंपनियों के बड़े-बड़े दावे और जमीनी व्यवहार के बीच अंतर एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल झालमुड़ी खरीदते प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक दुकान पर नकद भुगतान करते हुए दिखाया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ Paytm का पुराना अखबारी विज्ञापन सामने है, जिसमें “PaytmKaro” और कैशलेस इकोनॉमी का जोरदार प्रचार किया गया था।

यह विरोधाभास इसलिए चर्चा में है क्योंकि नोटबंदी (2016) के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए Paytm समेत कई फिनटेक कंपनियों ने बड़े स्तर पर मार्केटिंग कैंपेन चलाए थे। उस दौर में Paytm ने अखबारों, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भारी विज्ञापन खर्च किया था और खुद को “कैशलेस इंडिया” के प्रमुख चेहरे के रूप में पेश किया।

हालांकि, तथ्य यह भी है कि भारत में डिजिटल पेमेंट—खासकर UPI—पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, UPI ट्रांजैक्शन हर महीने अरबों की संख्या पार कर चुके हैं और छोटे दुकानदारों तक इसका दायरा पहुंचा है।

इसके बावजूद, जमीनी हकीकत यह है कि देश में नकद लेन-देन अब भी बड़े पैमाने पर जारी है। खासकर छोटे व्यापार, ग्रामीण इलाकों और रोजमर्रा की खरीदारी में कैश का इस्तेमाल आम है। विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल और नकद—दोनों सिस्टम फिलहाल समानांतर चल रहे हैं।

ऐसे में वायरल तस्वीर को लेकर उठ रहे सवाल यह दिखाते हैं कि डिजिटल पेमेंट के प्रचार और वास्तविक व्यवहार के बीच अभी भी एक गैप मौजूद है। हालांकि, किसी एक तस्वीर के आधार पर व्यापक निष्कर्ष निकालना भी सही नहीं माना जा सकता।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन