प्रयागराज: पांच दिन से लापता प्रयागराज के कौड़िहार के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव (40) की गला दबाकर हत्या कर शव बमरौली रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। हत्या के पीछे अवैध संबंध के शक को कारण बताया जा रहा है।

हत्याकांड को कितने खौफनाक अंदाज में अंजाम दिया गया, जानने के लिए नीचे पढ़िए....
दैनिक भास्कर के पत्रकार राजेश साहू इस कांड के बारे में लिखते हैं-
प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की किडनैपिंग और हत्या की कहानी दिल दहला देने वाली है। रणधीर के पहले साथी रहे डॉ. उदय यादव को शक था कि उसकी बीवी अंजली से रणधीर का अफेयर है। इसलिए 2 महीने पहले नैनीताल घूमने का प्लान बनाया।
वहां होटल में तीनों के लिए 1 ही रूम बुक करवाया था।
हत्या में शामिल राम सिंह के मुताबिक, वहीं पर उदय ने अपनी पत्नी के साथ रणधीर को संबंध बनाते देख लिया था। इसके बाद डॉ. उदय ने तय कर लिया था कि रणधीर को मार देंगे।
मगर उससे पहले 11 जुलाई, 2025 को उसकी बीवी की घर में लाश मिली। आशंका है कि डॉ. उदय ने पहला कत्ल अपनी बीवी का किया था। मगर, उस वक्त पुलिस के इन्वॉल्व होने से पहले बॉडी का दाह संस्कार करके मामला रफा-दफा कर दिया। अब पुलिस अंजली की मौत को मर्डर केस मानते हुए नए सिरे से जांच शुरू करने जा रही है।
पुलिस ने राम सिंह से पूछा- रणधीर को इतना तड़पा कर क्यों मारा? राम सिंह ने कहा- उदय को लगता था कि रणधीर ने दोस्ती में दगा किया है। उसकी बीवी के साथ अफेयर की बात खुल ही चुकी थी। दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। रणधीर ने भी धमकाया था कि वह उदय को नहीं छोड़ेगा। इसलिए उदय ने उसका मर्डर प्लान कर लिया।

पुलिस ने पूछा- फिर रणधीर को कैसे मारा? राम सिंह ने कहा- रणधीर हमारा ज्यादा विरोध न कर सके, इसके लिए पहले हमने मिलकर शराब पीने का प्लान किया। रणधीर को खूब शराब पिलाई। रणधीर को खतरे का एहसास हुआ तो उसने कहा कि हम चित्रकूट नहीं जाएंगे। लेकिन बाकी लोगों ने उसे गाड़ी से उतरने नहीं दिया। इसके बाद रणधीर के सिर पर रॉड से वार किया गया और जोर से गला दबा दिया गया।
इन लोगों ने सूबेदारगंज स्टेशन के पास रेलवे पटरी पर लाश रख दी। ट्रेन आई तो गर्दन, हाथ, पैर सब अलग हो गए। लेकिन उदय चाहता था कि सिर चकनाचूर हो जाए ताकि पहचान मिल जाए। इसलिए उसने फिर से सिर को पटरी पर रखा, ट्रेन आई तो सिर भी छत विछत हो गया। इसके बाद सब वहां से भाग गए।

प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर सिंह यादव की हत्या करने के 9 दिन बाद भी पुलिस उसका मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है। हत्या प्रयागराज में हुई, कातिलों ने स्कॉर्पियो चित्रकूट में छोड़ी थी। पुलिस कस्टडी में हत्यारोपी राम सिंह से जब पूछा गया कि रणधीर का मोबाइल कहां है?
राम सिंह ने हंसते हुए कहा- आपको मोबाइल नहीं मिलेगा। वो तो डॉ. उदय अपने साथ ले गया। दरअसल, स्कार्पियों में हत्या करने के बाद हम लोग सोच रहे थे कि अब क्या करना है? इस बीच उदय की नजर रणधीर के मोबाइल पर पड़ी। उसने मोबाइल उठाकर देखा तो वह लॉक था। लाश की उंगली के फिंगर प्रिंट से मोबाइल को खोल लिया गया। इसके बाद जिस बात का उदय को शक था, वो हकीकत में बदल गया।
मोबाइल की गैलरी में उदय को अपनी बीवी अंजली यादव की कई तस्वीरें रणधीर के साथ मिलीं। कुछ तस्वीरें न्यूड अवस्था की भी थीं। इसके बाद उदय गुस्सा हो गया, लाश को एक के बाद एक तीन तमाचे मारे, गालियां दीं। विजय और सुजीत ने उसको पकड़ा, तब वो शांत हुआ।
यही वजह है कि लाश को वह पूरी तरह से खत्म करने पर उतारू था। बमरौली के रेलवे ट्रैक पर जब एक बार ट्रेन लाश को क्षत विक्षत करते हुए गुजर गई, तब उसने हम लोगों से कहा- इसको फिर इकट्ठा करो। कोई निशान बचना नहीं चाहिए। हम लोगों ने धड़, हाथ-पैर इकट्ठा करके फिर से ट्रैक पर रखे। करीब 2 घंटे तक वहीं बैठकर वह लाश को कटते हुए देखता रहा।


