मुंबई : मुलुंड इलाके में रहने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार विशेष कोटा से फ्लैट लेने के चक्कर में एक फ्रॉड महिला के लपेटे में आ गए. पत्रकार महोदय को एक महिला ने खुद को बीएमसी कर्मचारी बताते हुए अपने दो साथियों के साथ मिलकर 16 लाख रुपये का चूना लगा दिया.
दरअसल, साल 2019 में पत्रकार नितिन एल मनियार (52), घर की तलाश कर रहे थे. उनके संपत्ति एजेंट-मित्र संदीप वासरगांवकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पत्रकार कोटा के बारे में बताया, जिसमें रियायती संपत्ति कीमतों का वादा किया गया था. वासरगांवकर ने पत्रकार को मिस हर्षदा चव्हाण से मिलवाया.
पत्रकार से मुलाकात में चव्हाण ने खुद के बीएमसी कर्मचारी होने का दावा किया था. और पत्रकार को फ्लैट दिलाने की बात की.
इसके बाद पत्रकार मनियार ने चव्हाण से कोलाबा के ऑफिस में मुलाकात की. चव्हाण ने मनियार से दावा किया कि फ्लैट आवंटन संबंधी उनके पास दिल्ली से सरकारी लॉगिन है. जो उनके लिए उनकी पसंदीदा जगह फ्लैट सुरक्षित रख सकती है. मनियार ने झांसे में आकर पसंदीदा जगह पर हाथ रखा, उधर मिस चव्हाण ने बुकिंग और डाउन पेमेंट का जिम्मा संभाल लिया.
वासरगांवकर ने इसी दौरान मनियार को अपार्टमेंट में दो दुकाने दिलाने का भी ऑफर दिया. साथ ही बताया कि इनकी कीमत दो करोड़ है, लेकिन आपको 40 लाख में पड़ जाएगी. जिसका 10 लाख एडवांस देना पड़ेगा. वासरगांवकर ने मनियार को अपना रेरा नंबर भी दिया.
भरोसे में आकर मनियार ने फ्लैट के लिए चव्हाण को धरोहर राशि 5 लाख रुपये, दस्तावेजों की जल्द मंजूरी के लिए 4 लाख रिश्वत10 लाख रुपये दुकान के लिए भी भुगतान कर दिया. इसी तरह कुछ एक रकम और देकर कुल 25 लाख रूपये दे बेठे.
इसके बाद जब शक और खुलासा हुआ तो वासरगांवकर तथा चव्हाण ने पत्रकार को 4 लाख व 5 लाख रुपये चेक के रूप में लौटा दिए. कुछ और पैसा दिया. बावजूद इसके पत्रकार का अभी तक 16 लाख रुपया वापस नहीं आया है. इसे लेकर थाना मुलुंड पुलिस ने वासरगांवकर और चव्हाण पर मनियार की शिकायत के बाद आईपीसी की धारा 420, 406 और 34 के तहत आरोप दर्ज किया गया है. मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है.


