
रेलवे और शहरी परिवहन से जुड़े मुद्दों पर अपनी पैनी और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमल मिश्रा का बुधवार को संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे और अपने अंतिम समय में ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ से जुड़े हुए थे।
कमल मिश्रा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत हिंदी अखबार ‘नवभारत’ से की थी। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी मीडिया का रुख किया और ‘मुंबई मिरर’ से जुड़कर परिवहन बीट पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। टैब्लॉइड के बंद होने के बाद वे ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ का हिस्सा बने, जहां उन्होंने अपने अनुभव और समझ से कई अहम खबरें सामने रखीं।
आखिरी संदेश में जताई थी दूरी की बात
निधन से कुछ सप्ताह पहले, 6 अप्रैल को उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए सोशल मीडिया समूहों से खुद को अलग कर लिया था। अपने अंतिम संदेश में उन्होंने लिखा था कि वह कुछ समय के लिए विश्राम करना चाहते हैं और जल्द ही दोबारा संपर्क करने की उम्मीद जताई थी।
सड़क हादसे के बाद नहीं हो पाए थे पूरी तरह स्वस्थ
बताया जाता है कि कुछ महीने पहले वह एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। नासिक से लौटते समय उनका वाहन हाईवे पर एक पेड़ से टकरा गया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसी हादसे के बाद से उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई थी।
पत्रकारिता में गहरी समझ और समर्पण
सहकर्मियों के मुताबिक, कमल मिश्रा न केवल मेहनती पत्रकार थे, बल्कि परिवहन व्यवस्था की गहरी समझ रखते थे। हिंदी से अंग्रेजी मीडिया में आने के बाद उन्होंने अपने भाषा कौशल को लगातार बेहतर किया और न्यूज रूम में अपनी अलग पहचान बनाई।
सहकर्मियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
- उनके निधन पर मीडिया जगत में शोक की लहर है। एक पूर्व संपादक ने उन्हें उत्कृष्ट पत्रकार बताते हुए कहा कि पत्रकारिता ने एक अनमोल साथी खो दिया है।
- पूर्व सेंट्रल रेलवे प्रवक्ता और वर्तमान में IRCTC से जुड़े डॉ. एके सिंह ने उन्हें बेहद सहयोगी और विनम्र व्यक्तित्व का धनी बताया।
- रेलवे कार्यकर्ता समीर ज़ावेरी ने कहा कि कमल मिश्रा गंभीर मुद्दों की गहराई से पड़ताल करने वाले समर्पित पत्रकार थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
निजी जीवन : कमल मिश्रा कल्याण में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पोते-पोतियां हैं। वे धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति माने जाते थे।
अंतिम विदाई : बुधवार शाम को परिवार, मित्रों और सहकर्मियों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।


