हमारे विरोधी पत्रकार ने गलत ख़बर छपवा कर हमें बदनाम करने की साज़िश की

आदरणीय यशवंत सर, 

आप की साईट bhadas4media.com एक बहुत ही लोकप्रिय साईट है। इसके चाहने वालों का मानना है की यहाँ जो भी खबर प्रकशित की जाती है पुख्ता सबूतों के आधार पर की जाती है। मैं खुद आपकी साईट का प्रशंसक हूँ और आपका पाठक हूँ लेकिन मुझे आज आपको बताते हुए बेहद खेद हो रहा है कि आप ने इस मीडिया पोर्टल में कुछ साजिशकर्ताओं के बहकावे में आकर गलत खबर प्रकाशित कर दी है जिसका सम्बन्ध हमारी मान-मर्यादा और प्रतिष्ठा से है। आपकी उस खबर ने हमारे चरित्र को दागदार कर दिया है और आपकी इस खबर से हमारा भविष्य दांव पर लग गया है। अगर हमने कुछ गलती की हैं तो हमे सजा मिलनी चाहिए। हमारे खिलाफ एक साजिश के तहत हथियार बना कर आपको इस्तेमाल किया गया है।

दरसल आपने एक खबर प्रकाशित की है जिसका स्लग “रंगरेलियां मनाते धरे छोड़े गए दो टीवी पत्रकार कौन थे?” है। आपको बता दें इस खबर को प्रकशित करने के लिए आपने जिस न्यूज़ पेपर की कटिंग को आधार बताया है वो उस अखबार में हमारे खिलाफ साजिश करने वाले एक पत्रकार गौरव चतुर्वेदी द्वारा दैनिक नवज्योति के एक पत्रकार को बहला फुसला कर और भ्रमित करने के बाद छपवाया गया है। इस सम्बन्ध में हमने दैनिक नवज्योति के संपादक संजय भट से भी बात की थी और उन्होंने अपनी गलती का अहसास भी किया और इस खबर का खंडन प्रकाशित करने के लिए भी तैयार हैं।

अगर आप चाहें तो उनसे फोन पर बात कर सकते हैं। इस न्यूज कटिंग में जिस थाने का जिक्र है उसके डीएसपी से भी बात कर सकते हैं। आपको खुद अंदाज़ा हो जाएगा की सच क्या है और झूठ क्या है। दरअसल हम आपको बता दें कि सच्चाई ये है कि, कोटा में एक पत्रकार है गौरव चतुर्वेदी जो कि दसवीं फेल है और भानु गैंग से भी किसी वक़्त पर जुड़ा हुआ था। आपको याद होगा जब भानु का मर्डर हुआ तो ये गैंग बिखर गई थी ऐसे में इस शख्स ने कैमरा चलाना शुरू किया और धीरे धीरे पत्रकारों के साथ सम्बन्ध बनाना शुरू कर दिया।

कई नामी चैनलों की माइक आईडी लिए घूमने वाले इस पत्रकार कि साजिश के तहत वो महिला हमारी गाड़ी में जबरन आकर बैठ गई। जैसे ही मैंने उस महिला को गाड़ी में देखा तो मै तुरंत गाड़ी के पास जा पहुंचा और उसे उतारने की भरपूर कोशिश की, लेकिन मेरी एक न चली। मैंने तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला से पूछताछ भी की गई लेकिन उसने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसे में पुलिस ने उसे संदिग्ध मानते हुए कार्यवाही की और हमारी शिकायत पर पुलिस ने उसे शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया और हमे धन्यवाद देकर अलविदा कह दिया।

सिर्फ इतनी ही सच्चाई है। जिस वक़्त ये कार्यवाही चल रही थी उस वक़्त गौरव वहीँ मौजूद था। उसी ने इस बात को अलग अंदाज में पुरे शहर में फैलाया और हर पत्रकार को अलग अलग फोन करके हमारे खिलाफ भड़काने की कोशिश की। चूँकि सब इसकी हरकतों से वाकिफ है और जानते हैं कि ये शख्स हमसे निजी दुश्मनी रखता है तो कोटा के लगभग सभी पत्रकारों ने इसकी बात सुन कर गुमानपुरा थाने में फोन करके जानकारी ली और पुलिस अधिकारियो से बात करने पर मामले की हकीकत जानी।

सर मामला पूरी तरह साफ़ हे अगर हम दोषी होते तो लड़की की तरफ से भी कोई शिकायत होती। पुलिस की तरफ से भी कोई कार्यरवाई होती। सिर्फ अफवाह पर हमें दोषी बना देना कहां तक ठीक है। फैसला आपका है, लेकिन आपकी इस खबर से हमारी छवि को बहुत नुकसान पंहुचा है। आगे सर जो जितना मामला था सब आपके सामने है। फैसला भी आपका ही होगा। हमारा फर्ज था आपको पूरी सच्चाई से अवगत कराना। उम्मीद करते हे सर की आप त्वरित कार्रवाई कर इस खबर को हटवा देंगे।

शुक्रिया सर

HIMANSHU MITTAL &
YOGESH TYAGI
KOTA
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#9983097772

 

मूल ख़बरः

रंगरेलियां मनाते धरे छोड़े गए दो टीवी पत्रकार कौन थे?



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Comments on “हमारे विरोधी पत्रकार ने गलत ख़बर छपवा कर हमें बदनाम करने की साज़िश की

  • or akhbaar me bhi koi galat nahi chapa hai jo police ne bataya vahi chapa hai.,…..khabaro ki samajh ho in logo me to dang se padhey khabar ko

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  • or agar inki sikayat per karwai hue hai to yaswant ji jara inse report ki copy to mangwayeye …pata lag jayega sikayat hue ya upri tour pe sara kaam

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