पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या से पूरा देश आक्रोशित है. ये लेकिन अपवाद में शामिल होना चाहिए कि बिहार में एक बच्ची से दुष्कर्म की घटना को सत्तापोषित मीडिया पी गया.
इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा में सरेआम एक महिला पत्रकार से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. यह मामला नोएडा के सबसे व्यस्त और भीड़ वाले इलाके का है. महिला पत्रकार से नोएडा स्थित डीएलएफ मॉल में उस वक्त छेड़छाड़ हुई जब वह कैब का इंतजार कर रही थी.
पत्रकार सोनल पटेरिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने साथ हुई घटना को लेकर लिखा है कि, “मैं नोएडा सेक्टर-18 में डीएलएफ के पास अपनी कैब का इंतजार कर रही थी. एक बाइक सामने से गुजरी और पीछे बैठे व्यक्ति ने हाथ हिलाकर पूछा, ‘क्या रेट लेगी’. वह रुका भी नहीं और कुछ ही सेकंड में सब कुछ हो गया. शुक्र है मैं अभी सुरक्षित घर वापस आ गई हूं.”
पत्रकार के अनुसार व्यक्ति ने उससे कहा, “मैंने आपको चलते हुए देखा. आप मुझे बहुत अच्छी लगीं. तो मैंने सोचा रोककर बात की जाए, क्या पता कोई चांस बन जाए.”
डीसीपी नोएडा के आधिकारिक हैंडल से महिला पत्रकार को रिप्लाई में लिखा गया है कि, “उपरोक्त मामले की जांच सहायक पुलिस उपायुक्त नोएडा को दी गई है. सहायक पुलिस आयुक्त नोएडा के नेतृत्व में एक टीम गठिक की जाएगी और घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच करके आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
एक महीने में तीन बार छेड़छाड़ का शिकार
पीड़ित महिला पत्रकार का कहना है कि वह एक महीने में लगातार तीन बार छेड़छाड़ का शिकार हुई हैं. नोएडा में यह घटना दूसरी बार घटी है. जबकि इससे पहले दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भी एक अजनबी ने पास आकर उनका फोन नंबर मांगा था. पीड़िता का कहना है कि वह इस बात को लेकर रक्षात्मक नहीं होंगी कि, समय क्या है और वह क्या कपड़े पहने हैं. क्योंकि यह सब मायने नहीं रखता. बहुत सी महिलाएं लगातार इस तरह के डर में जी रही हैं.
पत्रकार ने आज सुबह कहा कि उसे एसीपी प्रवीण सिंह ने फोन किया था और हर संभव एक्शन का भरोसा दिया है. पीड़िता ने कहा कि यह कानून व्यवस्था से कहीं अधिक सांसकृतिक मुद्दा है, लेकिन नोएडा पुलिस ने केस को अपने हाथ में लिया है. उन्हें कानून पर भरोसा है.


