लखनऊ: समाजवादी पार्टी से जुड़े एक गंभीर राजनीतिक–कानूनी विवाद में दैनिक जागरण को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच के अधिवक्ता एवं समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अर्पित वर्मा की ओर से भेजा गया है।
नोटिस दैनिक जागरण के प्रकाशक/प्रबंध निदेशक महेंद्र मोहन गुप्ता और प्रधान संपादक संजय गुप्ता को संबोधित है। इसमें दैनिक जागरण में प्रकाशित एक खबर को “समाजवादी पार्टी के विरुद्ध अपमानजनक, निराधार और तथ्यहीन” बताया गया है।
क्या है मामला?
नोटिस में दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर —“सपा सरकार में एक ही जाति के थे 86 में से 56 SDM” को लेकर आपत्ति जताई गई है। नोटिस के अनुसार, यह खबर समाजवादी पार्टी की छवि धूमिल करने, जातिगत विद्वेष फैलाने और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर प्रकाशित की गई।
नोटिस में कहा गया है कि खबर में प्रस्तुत तथ्यों की कोई ठोस पुष्टि नहीं की गई, न ही आधिकारिक रिकॉर्ड या प्रामाणिक स्रोतों का उल्लेख है। इससे न केवल समाजवादी पार्टी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि उसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अर्पित वर्मा ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर खबर को हटाया नहीं गया, सार्वजनिक रूप से खंडन/स्पष्टीकरण प्रकाशित नहीं किया गया और क्षमा याचना नहीं की गई, तो दैनिक जागरण के खिलाफ मानहानि सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी समाचार पत्र प्रबंधन की होगी।
डिजिटल लिंक का भी उल्लेख
नोटिस में दैनिक जागरण की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के URL लिंक का भी उल्लेख किया गया है, जिससे यह स्पष्ट किया गया है कि मामला केवल प्रिंट नहीं बल्कि डिजिटल प्रकाशन से भी जुड़ा है।
यह नोटिस पंजीकृत डाक और ईमेल दोनों माध्यमों से भेजा गया है। मामले को लेकर राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दैनिक जागरण इस नोटिस पर क्या रुख अपनाता है।
देखें नोटिस…





