नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पत्रकार महेश लांगा को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले वे गुजरात की एक जेल में बंद थे। मिर्जापुर स्थित पीएमएलए अदालत ने उन्हें 28 फरवरी तक ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
‘द हिंदू’ के वरिष्ठ पत्रकार महेश लांगा को पिछले साल अक्टूबर में अहमदाबाद अपराध शाखा ने जीएसटी घोटाले से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि प्राथमिक एफआईआर में उनका नाम भी नहीं था। इसके बाद, गुजरात पुलिस ने उनके खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज कीं, वहीं अब ईडी ने भी दो मामले दर्ज कर लिए हैं।
क्या हैं आरोप?
गुजरात हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को लांगा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने गोपनीय सरकारी दस्तावेज रखने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।
ईडी ने आरोप लगाया है कि महेश लांगा ने एक व्यवसायी से 28.68 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले की जांच अहमदाबाद अपराध शाखा के ‘डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच’ पुलिस स्टेशन ने की थी, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया।
इसके अलावा, अहमदाबाद के सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें एक जमीन दलाल से 40 लाख रुपये वसूलने का आरोप है।
ईडी का यह भी दावा है कि लांगा जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में शामिल थे और उन्होंने धोखाधड़ी के लेन-देन को छिपाने की कोशिश की।
पत्रकार संगठनों ने जताई आपत्ति
महेश लांगा की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स, प्रेस एसोसिएशन, केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सहित कई पत्रकार संगठनों ने विरोध जताया है। इन संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को चौंकाने वाला करार दिया है।
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