
दिल्ली। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों से संपर्क श्रृंखला में दिल्ली और नोएडा में दो समूहों से चर्चा की। पूर्व विद्यार्थी और जागरण समूह की फैक्ट चैक विंग विश्वास न्यूज के एसोसिएट एडिटर आशीष महर्षि और पीटीआई के सीनियर जर्नलिस्ट गौरव ललित शर्मा इन महत्वपूर्ण चर्चा सत्रों के सूत्रधार बने।
फिल्म सिटी नोएडा में विभिन्न मीडिया संस्थानों में प्रमुख पदों पर डटे तीस से अधिक प्रतिभाशाली पूर्व विद्यार्थी कुलगुरु से मिले। कुलगुरु ने कहा कि आप सब देश के सबसे बड़े मीडिया विश्वविद्यालय के केवल पूर्व विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के सच्चे राजदूत हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर पूर्व विद्यार्थियों के सम्मेलन के पहले सबके अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक के प्रकाशन की योजना है ताकि नई पीढ़ी के विद्यार्थी अपने सीनियर्स के अनुभव भी पढ़-समझ सकें और उनसे सीधे जुड़ सकें। लेकिन अब तक केवल 25 विद्यार्थियों ने ही अपने अनुभव लिखे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मैं केवल आप सबको लिखने की याद दिलाने आया हूं। हम चाहेंगे कि पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों पर पाँच खंडों में किताबें छपकर आएं। विश्वविद्यालय का प्रकाशन विभाग यह काम करेगा। अमर उजाला डिजिटल हेड जयदीप कर्णिक और जी मीडिया की डिजिटल विंग के ग्रुप एडिटर अनुज खरे भी चाय पर चर्चा में शामिल हुए।
दिल्ली में पूर्व विद्यार्थियों के साथ कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी की मुलाकात के दौरान वरिष्ठ पत्रकार जयंती रंगनाथन और हर्षवर्द्धन त्रिपाठी, इंडिया फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर अनिल पांडे, सुरुचि प्रकाशन के चेयरमैन राजीव तुली, प्रत्यूष रंजन (पीटीआई), संयम श्रीवास्तव (आज तक), प्रभाष झा (टाइम्स ग्रुप), विकास कौशिक (एबीपी न्यूज), राहुल झारिया (आज तक), अक्षय श्रीवास्तव (नवभारत टाइम्स) उपस्थित थे।


टीवी 9 पर अपने लोकप्रिय शो के लिए प्रसिद्ध अमिताभ अग्निहोत्री भी आए जो जल्दी ही डिजीटल मंच पर कुछ नया लेकर आने वाले हैं। इन सभी सीनियर मीडिया दिग्गजों के बीच MCU के बारे में लंबी चर्चा हुई। मीडिया इंडस्ट्री की आज की और आने वाले कल की जरूरतों पर केंद्रित इस सत्र में सभी अनुभवी पत्रकारों ने विश्वविद्यालय के लिए हर संभव सहयोग की बात कही।
कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी पूर्व विद्यार्थी टीवी, प्रिंट, डिजिटल और अब फैक्ट चैक जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में डटकर काम कर रहे हैं। वे ही विश्वविद्यालय की असल पूँजी हैं और ताकत हैं। यह प्रयास होगा कि आने वाले समय में वे विश्वविद्यालय से जुड़ें ताकि नए विद्यार्थियों के लिए उनके अनुभव काम आएँ और आपसी संपर्कों का एक शक्तिशाली नेटवर्क बने। इन सब विद्यार्थियों के साथ मिलकर ही दादा माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय का परिवार पूरा होता है।
इंडिया टुडे पत्रिका के 50 साल हुए हैं। इस मौके पर टुडे के परिसर में उन्होंने विशेष चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीनियर एडिटर और एमसीयू के पहले बैच के सुपर सीनियर शिवकेश मिश्र से भेंट में उन्होंने अपने अनुभव लिख भेजने का स्मरण कराया। वरिष्ठ पत्रकार इंडियन मास्टरमाइंडस शरद गुप्ता और धीरेंद्र राय के साथ मीडिया के सामयिक प्रसंगों पर लंबी चर्चा हुई। टुडे समूह के न्यूज डायरेक्टर डिजिटल कमलेश सिंह, आज तक चैनल के जाने-माने एंकर और विश्वविद्यालय की महापरिषद के सदस्य सईद अंसारी से दूरभाष पर बात हुई।


