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पत्रकारों के कल्याण और पत्रकार सुरक्षा के लिये राजस्थान के बजट में प्रावधान की मांग

भारतीय प्रेस पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व आयुक्त सूचना विभाग को ज्ञापन भेजा

पत्रकारों के लिए मीडिया फ्रेंडली हो राजस्थान का बजट – अभय जोशी

जयपुर। राजस्थान राज्य बजट 2026-27 में पत्रकारों के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए ठोस प्रावधान किए जाने की मांग को लेकर भारतीय प्रेस पत्रकार संघ, राजस्थान प्रदेश ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
संघ के अध्यक्ष अभय जोशी की ओर से इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन/मांग पत्र मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दीया कुमारी तथा आयुक्त, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को आधिकारिक माध्यम से प्रेषित किया गया है।

अभय जोशी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने, प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने तथा सामाजिक समरसता के निर्माण में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में पत्रकारों के कल्याण एवं सुरक्षा हेतु बजट में ठोस प्रावधान किया जाना समय की आवश्यकता है।

संघ की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में राज्य स्तर पर नई पत्रकार आवास योजना लागू करने, पुरानी योजना के लंबित मामलों का समाधान कर आवास पट्टे शीघ्र जारी करने तथा जिला एवं संभाग स्तर पर पत्रकारों को रियायती दरों पर भूखंड/फ्लैट उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
वरिष्ठ पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की राशि बढ़ाकर ₹45,000 प्रतिमाह करने, योजना को अधिक सरल, पारदर्शी एवं स्वचालित बनाने तथा आश्रितों को भी पेंशन जारी रखने का प्रावधान करने का आग्रह किया गया है।

हेल्थ सुरक्षा के अंतर्गत मान्यता प्राप्त एवं सभी पत्रकारों को राज्य की कैशलेस मेडिकल योजना में शामिल करने, OPD, जांच व दवाइयों के खर्च को जोड़ने तथा बीमा सीमा ₹50 लाख प्रति परिवार करने की मांग रखी गई है।

संघ ने छोटे, लघु एवं मझोले समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन नीति में सुधार, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने तथा भेदभाव-रहित डिजिटल प्रक्रिया लागू करने का सुझाव दिया है।

इसके अतिरिक्त पत्रकारों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा, राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून, फास्ट ट्रैक न्याय व्यवस्था, दुर्घटना बीमा एवं आर्थिक सहायता, न्यूनतम मानदेय नीति, जिला स्तर पर पत्रकार भवन निर्माण तथा पत्रकार प्रशिक्षण व कल्याण कोष को अधिक प्रभावी बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

डिजिटल पत्रकारों को भी समान अवसर
ज्ञापन में न्यूज़ पोर्टल, डिजिटल मीडिया एवं यूट्यूब आधारित पत्रकारिता प्लेटफॉर्म को भी विज्ञापन नीति एवं कल्याण योजनाओं में सम्मिलित करने तथा पारदर्शी मान्यता प्रणाली लागू करने का आग्रह किया गया है।

अभय जोशी ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार पत्रकारों की इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक विचार कर पत्रकार हितों के संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

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