संदीप देव-
कांग्रेस के पाप से मुक्ति पाने के लिए मैंने 2012 में नयी दुनिया अखबार से वरिष्ठ संवाददाता की नौकरी छोड़ी। तब मोदी प्रधानमंत्री के उम्मीदवार क्या, तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे। नौकरी छोड़ कर गुजरात दंगे में उनके विरुद्ध साजिश पर पुस्तक लिखी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT रिपोर्ट के आधार पर।
माननीय अशोक सिंघल जी ने पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर कहा था कि “बिना किसी को जाने, बिना किसी के आश्वासन के एक पत्रकार अपनी नौकरी छोड़ कर इतनी बड़ी साजिश को बेनकाब करने के लिए पुस्तक लेखन में उतर गया, मैंने पहली बार देखा है। भगवान रामजी की कृपा से ही यह संभव हुआ है।”
स्वयं मोदी ने जनता के बीच मुझे गले लगाकर कहा था कि “आपने मेरे लिए बहुत बड़ा काम किया है।” 2020 तक मैं मोदी की हर गलती को कवर करता रहा कि उनको समय दिया जाना चाहिए। लेकिन 2021 से मेरी आंखें खुलनी शुरू हुई और आज मैं स्वयं को सबसे अधिक धोखे में पाता हूं!
मुस्लिमों के लिए सच्चर कमेटी लागू करने, मुस्लिम तुष्टिकरण में कांग्रेस का रिकार्ड तोड़ने, बीफ एक्सपोर्ट में विश्व के तीन देशों में भारत को लाने, काशी में मंदिर-मूर्तियों का विनाश करने और हिंदुओं को जातियों में लड़ाकर उसे तबाह करने के उनके मंशूबों ने मुझे सबसे बड़ा आघात पहुंचाया है। आज मैं किसी पर विश्वास नहीं कर पाता, यह सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी की देन है!
मैं अब संघ (महाभारत में समलैंगिकता स्थापित करने के मोहन भागवत के (कु) प्रयास के कारण) और भाजपा पर शायद ही कभी भरोसा कर पाऊं!
मंडल आयोग से UGC कानून तक हिंदुओं को जातियों में बांटने का सारा कानून संघ की पार्टी-जनसंघ और भाजपा की ही देन है। सामान्य वर्ग को गुलाम समझ रखा है इन संघियों ने! मैं जिंदगी पर वोट न दूं चलेगा, लेकिन भाजपा को वोट देकर अपनी आत्मा को तो धोखा नहीं ही दूंगा!
सनातनी हिंदू हूं और सनातनी हिंदू ही मरना पसंद करूंगा! निडर हूं, किसी पार्टी या विचारधारा का गुलाम होकर नहीं मरूंगा! जो संघी कल तक ‘सनातन’ को ‘बोगस’ वर्ड कहते थे आज ‘हिंदुत्व’ छोड़ कर ‘सनातन-सनातन’ कह रहे हैं! यह हम ‘नो लेफ्ट-नो राईट, वनली सनातन व्वाइस’ वाले सनातनियों की जीत है!
चाहे मर जाऊं, लेकिन कोई मुझे झुका नहीं सकता! मेरा रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है! जयश्री राम! जय भारत! धर्मो रक्षति रक्षित:!


