राकेश कायस्थ-
विश्वगुरू का डंका इतनी जोर से बजा है कि गूंज अब वॉशिंगटन नहीं बल्कि ढाका और काठमांडू तक सुनाई देने लगी है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से प्रधानमंत्री ने मुलाकात की।
इस महान उपलब्धि पर हिंदी के सबसे बड़े अखबार ने छह कॉलम की हेडलाइन बनाई है। इसी अखबार के आखिरी पन्ने के चार कॉलम भी इसी खबर के नाम है।
जाने-माने कवि मंगलेश डबराल कहा करते थे, इस देश में अब हिंदी पत्रकारिता खत्म हो चुकी है, हिंदी के नाम पर जो है, वो केवल हिंदू पत्रकारिता है।
देश का राजनीतिक नेतृत्व यह मानकर चलता है कि गोबरपट्टी वालों की हैसियत पांच किलो राशन से ज्यादा की नहीं है। मीडिया समूह भी सत्ता तंत्र की विभाजनकारी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए तन-मन धन से जुटे हैं।
मैं पहले भी लिख चुका हूं कि एक ही प्रकाशन समूह के हिंदी और अंग्रेजी अखबारों के कंटेट अलग-अलग होते हैं। गोबर पट्टी वालों के लिए कंटेट का कस्टमाइजेशन किया जाता है।
इसका प्रमाण आज के टाइम्स समूह के हिंदी और अंग्रेजी के अखबारों की हेडलाइन हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंतित है।
नवभारत टाइम्स में आते ही ये हेडलाइन बदल जाती है। यहां प्रधानमंत्री अल्पसंख्यकों नहीं हिंदुओं की स्थिति पर चिंतित हैं।
यह सौ प्रतिशत हेडलाइन मैनेजमेंट का नमूना है। अगर बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने माइनॉरिटी शब्द का इस्तेमाल किया है तो फिर वह हिंदी की हेडलाइन में अल्पसंख्यक के बदले हिंदू कैसे हो सकता है?
ऐसा इसलिए है क्योंकि हिंदी के अखबार जानते हैं कि गोबरपट्टी के लोगों की कंडीशनिंग इस तरह की गई है कि उन्हें माइनॉरिटी का मतलब मुसलमान ही समझ में आएगा और साहब को `हिंदू हिरदय सम्राट’ बनाये रखने का ठेका मीडिया समूहों ने ले रखा है, इसलिए यहां ये चालाकी की गई।
बाकी मैं ये ढूंढता रहा कि टैरिफ वॉर के मामले में आज के अखबारों में भारत के रुख पर क्या खबर है। चीन ने ट्रंप की कार्रवाई के बदले 34 परसेंट के काउंटर टैरिफ का एलान कर दिया है। इकॉनमिक टाइम्स ने इसे वर्ल्ड वॉर करार दिया है।
ख़बर है कि भारत से सामान खरीदने वाली अमेरिकी कंपनियों ने नये टैरिफ के मद्देनज़र निर्यातकों से 15 से 20 फीसदी की छूट मांगी है। भारत सरकार का स्टैंड? बहुत ढूंढने के बाद आज के अखबारों से पता चला कि भारत सरकार ने स्थिति पर नज़र रखी हुई है। डंका बजना इसी को कहते हैं।
देखें खबरों की कटिंग….




