बीजापुर | छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। विशेष जांच टीम (एसआईटी) को आरोपियों के नक्सलियों के साथ वित्तीय लेन-देन और प्रदेश व देश के बाहर संपत्तियों में निवेश के प्रमाण मिले हैं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद, सरकार इस मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने पर विचार कर रही है।
मुकेश चंद्राकर, जो ‘बस्तर जंक्शन’ नामक यूट्यूब चैनल चलाते थे, ने हाल ही में गंगालूर और हिरौली के बीच बन रही सड़क में भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग की थी। इस रिपोर्टिंग के बाद, ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने उन्हें अपने बैडमिंटन कोर्ट परिसर में बुलाकर हत्या कर दी। मुकेश का शव सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुकेश के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिसमें सिर में 15 फ्रैक्चर, लीवर के 4 टुकड़े, 5 पसलियां टूटी हुई, हृदय फटा हुआ और गर्दन टूटी हुई मिली।
जांच के दौरान, एसआईटी को आरोपियों के नक्सलियों के साथ वित्तीय लेन-देन और प्रदेश व देश के बाहर संपत्तियों में निवेश के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा, ठेकेदार की जीएसटी जांच में करोड़ों की कर चोरी का मामला भी सामने आया है। इन सबूतों के आधार पर, सरकार इस मामले को एनआईए को सौंपने पर विचार कर रही है, ताकि नक्सलवाद के आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश दिया जा सके।
मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके, को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।
मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया है इस घटना के बाद, केंद्र और राज्य सरकारें बस्तर में नक्सलवाद के आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में हैं। और अब सरकार इस मामले के जरिए बस्तर में पनपते भ्रष्टाचार को कुचलने की तैयारी में है।
मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: जानिए पूरा घटनाक्रम
16 जनवरी 2025: बीजापुर के स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर अचानक लापता हो गए। वे बस्तर जंक्शन नामक यूट्यूब चैनल चलाते थे और हाल ही में गंगालूर-हिरौली सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग कर रहे थे।
18 जनवरी 2025: परिवार वालों ने बीजापुर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
19 जनवरी 2025: पुलिस को मुकेश का शव सुरेश चंद्राकर के बैडमिंटन कोर्ट के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ।
20 जनवरी 2025: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई थी।
21 जनवरी 2025: मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर फरार हो गया, लेकिन उसके सहयोगी रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके गिरफ्तार कर लिए गए।
22 जनवरी 2025: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का नक्सलियों से संबंध था और उसने सड़क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार किया था।
23 जनवरी 2025: हैदराबाद से सुरेश चंद्राकर गिरफ्तार हुआ।
25 जनवरी 2025: सरकार ने हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया।
27 जनवरी 2025: एसआईटी को जांच के दौरान नक्सलियों के साथ पैसों के ट्रांजेक्शन और विदेशों में संपत्ति निवेश के सबूत मिले।
28-30 जनवरी 2025: केंद्र और राज्य सरकारों ने इस हत्याकांड को लेकर गंभीरता दिखाई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी सीधे मामले पर नजर रख रहा है।
31 जनवरी 2025: ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की जीएसटी फाइलिंग की जांच में करोड़ों की कर चोरी का खुलासा हुआ।
01 फरवरी 2025: सरकार ने इस हत्याकांड को एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंपने पर विचार शुरू किया।
02 फरवरी 2025: एनआईए की संभावित एंट्री को लेकर गृह मंत्रालय में बैठक हुई, क्योंकि इस मामले में नक्सल फंडिंग और आतंकी वित्तपोषण के संकेत मिले हैं।
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