नैंसी को यह काम अमेरिकी वकीलों के कारण भी करना पड़ा। जैसा कि उन्होंने बाद में पुलिस को बताया उन्होंने तलाक लेना ज्यादा महंगा होने के कारण हत्या जैसे सस्ते विकल्प को चुना। इससे यह बात तो साफ है कि ये भली महिला दूरदर्शी और किफायत पसंद है…

मुकेश नेमा-
एक खबर के मुताबिक़ अमेरिका की 68 साल की नैंसी क्रैंपटन ब्रॉफी केवल इसलिये गिरफ्तार कर ली गईं क्योंकि उन्होंने अपने पति की गोली मार कर हत्या की। जैसा मैंने नैंसी के बारे में जाना वो पढ़ी लिखी संभ्रांत और लोकप्रिय महिला हैं। जिस पति को मारा उन्होंने वो उनका अपना था। ज़िंदा रहने तक उनका पति था। जाहिर है अपने निजी पति को मार डालने पर उन्हें गिरफ़्तार करना आश्चर्यजनक है।
रोमांटिक और संस्पेंस उपन्यास लिखने वाली नैंसी की भलमनसाहत देखिए। उन्होंने इस बाबत खूब सोचा। दिमाग़ ठंडा रखा। पति की हत्या कैसे की जाए? सबूत कैसे मिटाये जाए और पुलिस से कैसे बचा जा सकता है इस बाबत एक अपने पति की हत्या कैसे करें शीर्षक से एक बड़ा सा निबंध भी लिखा। वे चाहती थी कि बाकी महिलायें भी उनसे सीखें। और इस नेक काम को अंजाम देने के पहले उन्हें इस बाबत पूछताछ करने के लिये कहीं भटकना ना पड़े। पति की हत्या कैसे करें जैसा ललित निबंध निबंध उनके पति ने भी पढ़ा ही होगा। वैसे ही एवरेज पति टाईप के रहे होंगे वे जो अपनी पत्नी की बातों को अनदेखा करते हैं। ऐसे पति मार डालने जैसी चीज ही होते हैं।
नैंसी की सहनशीलता की तारीफ तो होना ही चाहिए। ये काम वो पति हासिल होने के बाद फौरन निपटा सकती थी। पतियों के जो लच्छन होते हैं उनका और किया भी क्या जा सकता है? इस धैर्यशील महिला ने अड़सठ साल की उम्र तक अपने पति को बर्दाश्त किया ये अपने आप में बड़ी बात है।
नैंसी को यह काम अमेरिकी वकीलों के कारण भी करना पड़ा। जैसा कि उन्होंने बाद में पुलिस को बताया उन्होंने तलाक लेना ज्यादा महंगा होने के कारण हत्या जैसे सस्ते विकल्प को चुना। इससे यह बात तो साफ है कि ये भली महिला दूरदर्शी और किफायत पसंद है। इस कारण पति को मार देना यदि गलती मानी भी जाये तो इसका मुकदमा उसके बजाय अमेरिकी वकीलों पर चलना चाहिए।
नैंसी के व्यवहारकुशल, दयालु और सामाजिक होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पति की हत्या के फौरन बाद, यह तय कर लेने के बाद कि वो वाकई मर गया है, वो दुखी भी हुई। और दुखी होते हुये फेसबुक पर पति की मौत की सूचना भी दी। लोगों की सांत्वनायें हासिल की। अफ़सोस जाहिर करने आए शरीफ लोगों को धन्यवाद भी कहा। अकेली रह गयी नेक महिला की गिरफ्तारी की खबर से मुझे भी दुख हुआ है।
खबर में यह बात कहीं साफ की नहीं गई है कि नैंसी के मार्फत टाईम से पहले स्वर्गीय हुये उनके पति की गलती क्या थी? मोटी रकम का बीमा करवाने के अलावा पति होने को भी गलती में शुमार किया जा सकता है। दुनिया की हर बीबी अपने पति को गलत मानती है और कायदे की बात यही कि जब भी मौका मिले गलती सुधार ली जानी चाहिए।
नैंसी के पति डेनियल ब्रॉफी शेफ थे। मुमकिन है वो नैंसी की पसंद के मुताबिक़ खाना बनाने में नानुकर करते हों। ये भी हो सकता है नैंसी के पति को पढ़ने लिखने में दिलचस्पी ना हो। वो अपनी पत्नी के लिखे की तारीफ ना करता हो। ऐसे अनपढ़ पति का कोई भी सभ्य, विदुषी महिला और कर भी क्या सकती है? और फिर यह बात भी गौरतलब है कि नैंसी जिस देश की रहने वाली है वहाँ, पढ़े लिखे, सलीके वाले दूसरे तीसरे शौहर मिलना मामूली सी बात है। ज़ाहिर है नैंसी एक अनपढ़ ये दूरी बनाकर साक्षरता की तरफ़ जाने की कोशिश भर कर रही थी। और इस मायने में उनकी तारीफ़ ही की जानी चाहिए।
ऐसे पति हमारे यहाँ भी बड़ी तादाद में पाये जाते है। और नैंसी के पति की तरह ही सदगति के योग्य भी होते हैं। पर हमारे यहाँ की पत्नियाँ ऐसे इरादे रखने के बावजूद उनके लिये करवा चौथ व्रत रखकर उन्हें जिलाये रखती है। वे मानती है कि पति को जिंदा बनाये रखना उसके लिये ज्यादा बड़ी सजा है।
नैंसी को वहां के जज ने आजीवन कारावास की सजा दी। मुझे नहीं लगता ये न्याय है। नैंसी को माफ कर देना चाहिए। वो केवल अपने लिखे में जान डालना चाहती थी। ये सत्य के साथ मेरे प्रयोग जैसा ऐतिहासिक कार्य है। पति को मार देना इतनी बड़ी गलती भी नहीं। गलती ऐसा करने में इतनी देर करना है। गलती निबंध लिखना है। मैं उम्मीद करता हूँ उनसे प्रेरणा लेने वाली महिलायें ऐसी बड़ी चूक करने से बचेगी और जीवन का बाकी समय साहित्य और फेसबुक को दे सकेगी।



