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सैलरी मांग रही महिला पत्रकार से गाली-गलौज करने वाले मीडिया के ‘पेमेंट डकैत’ नवीन कुमार नंदन पर मुकदमे की मांग!

मीडिया जगत में काम कराकर भुगतान न करने और पैसे मांगने पर गाली-गलौज करने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। नेशनल दस्तक से जुड़े बताए जा रहे नवीन कुमार नंदन पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला पत्रकार को उसकी मेहनत की कमाई मांगने पर न सिर्फ अपमानित किया, बल्कि खुलेआम अभद्र और अश्लील गालियां भी दीं। आरोपों के मुताबिक, बहुजन-दलित-स्त्री विमर्श की आड़ लेकर मीडिया मंच चलाने वाले इस व्यक्ति का व्यवहार पूरी तरह आपराधिक और महिला विरोधी है।

पीड़िता और पत्रकार संगठनों ने इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, ताकि मीडिया में बैठे ऐसे कथित ‘ठेकेदारों’ पर नकेल कसी जा सके, जो काम कराकर भुगतान से मुकर जाते हैं और सवाल उठाने पर धमकी व गालियों का सहारा लेते हैं। सुनें ये ऑडियो-

https://x.com/yashbhadas/status/2010754154042659013?s=46


ये एक पसली का Naveen Kumar Nandan एक महिला पत्रकार को गालियां दे रहा है क्योंकि उसने अपनी मेहनत की कमाई इस चोरकट से मांग ली। ऐसे बहुत से डकैत मीडिया में बैठे हैं जो काम करवा कर पैसा नहीं देते। पैसा मांगने पर गालियां देते हैं। नेशनल दस्तक का ये कारिंदा जैसा कि इसकी प्रोफाइल देख कर पता चल रहा है, बहुजन/दलित/स्त्री विमर्श बेंच कर घर चला रहा है, और हरक़तें एक उठाईगीर जैसी हैं। मुकदमा दर्ज होना चाहिए गंभीर धाराओं में। -मोहम्मद अनस


वरिष्ठ पत्रकार और दलित चिंतक अशोक दास लिखते हैं-

वंचितों और शोषितों के लिए पत्रकारिता करने का दावा करने का मतलब है उनके साथ खड़े होना, उन्हें सम्मान देना। लेकिन ऐसा दावा करने वाले कुछ लोगों की भाषा सामंतवादियों जैसी हो गई है। नवीन कुमार नंदन नाम के इस युवक का एक ऑडियो हमे मिला है। इसमें वो एक महिला से जिस गंदी भाषा में बात कर रहा है, उसको स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। इस बातचीत को सुनने से यह समझ में आ रहा है कि मामला पैसों और सैलरी का है। विवाद जो भी हो, भाषा इतनी घटिया नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोग बहुजन पत्रकारिता के लिए ठीक नहीं हैं।

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