नई दिल्ली। अदाणी समूह के स्वामित्व वाले एनडीटीवी (NDTV) में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका जताई जा रही है। चैनल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (PIP) के नोटिस दिए गए हैं, जिसे अंदरखाने संभावित छंटनी की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि प्रभावित कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है, लेकिन एनडीटीवी के कई स्टाफ का दावा है कि इस बार करीब 100 कर्मचारी इसकी चपेट में आ सकते हैं। PIP नोटिस पाने वालों में रिपोर्टर, एंकर, कैमरा क्रू, डेस्क स्टाफ (हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों चैनलों के), PCR कर्मी और यहां तक कि कुछ टीम हेड्स भी शामिल हैं।
न्यूज़लॉन्ड्री में पब्लिश खबर के अनुसार, एचआर की ओर से भेजे गए ईमेल में कर्मचारियों से कहा गया है कि वे इस PIP को एक तरह की “प्रारंभिक चेतावनी” मानें, क्योंकि उनका प्रदर्शन “उम्मीदों के अनुरूप नहीं” है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि अगर तय समय सीमा तक प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो “नौकरी जारी रखने पर पुनर्विचार किया जा सकता है।” सभी PIP की डेडलाइन मार्च में खत्म हो रही है।
एनडीटीवी के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यहां PIP पर डालने का मतलब साफ होता है – नौकरी जाना लगभग तय है।” उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल अप्रैल 2025 में भी अप्रेज़ल से पहले करीब 100 कर्मचारियों को PIP पर डाला गया था, जिनमें से ज्यादातर बाद में संस्थान से बाहर हो गए।
गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में अदाणी समूह के नियंत्रण में आने के बाद से ही एनडीटीवी में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। शुरुआती दौर में कई चर्चित और वरिष्ठ पत्रकारों ने संस्थान छोड़ा, इसके बाद से समय-समय पर इस्तीफों और छंटनियों का सिलसिला चलता रहा है।
अप्रैल 2025 में कर्मचारियों ने न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में यह भी कहा था कि तथाकथित “ओल्ड एनडीटीवी”, यानी प्रणॉय रॉय के दौर से जुड़े स्टाफ, इस प्रक्रिया में disproportionately प्रभावित हो रहे हैं।
इस पूरे मामले पर न्यूज़लॉन्ड्री की तरफ से एनडीटीवी के एचआर विभाग को विस्तृत सवाल भेजे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक चैनल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।



Sumit Gupta
February 11, 2026 at 10:10 am
बाहर तो जाएंगें ही वो लोग …