नई दिल्ली: अदाणी समूह के स्वामित्व वाली एनडीटीवी (New Delhi Television Limited) अब नई पूंजी जुटाने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 2 सितंबर 2025 को प्रस्तावित है, जिसमें इक्विटी शेयरों या अन्य वित्तीय साधनों के जरिये फंड जुटाने पर चर्चा होगी।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि फंड जुटाने के लिए राइट्स इश्यू या फिर कानूनन मान्य किसी अन्य विकल्प पर विचार किया जाएगा। यह प्रक्रिया नियामकीय और सांविधिक अनुमोदन मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगी। इस सूचना पर कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर परिनिता भूटानी दुग्गल ने हस्ताक्षर किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि फंड जुटाने का आकार कितना होगा और इसकी अंतिम संरचना क्या होगी। लेकिन माना जा रहा है कि यह पूंजी निवेश एनडीटीवी को डिजिटल-फर्स्ट प्रोडक्ट्स, कंटेंट निवेश और वितरण तंत्र को मजबूत करने में मदद करेगा।
लगातार घाटे में एनडीटीवी
एनडीटीवी ने 25 जुलाई 2025 को पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित किए थे। कंपनी को इस अवधि में 65.55 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन घाटा हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 44.15 करोड़ रुपये के घाटे से 48.4% ज्यादा है।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी के मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रमोशनल खर्च पिछले साल की तुलना में 9 करोड़ रुपये बढ़कर 40.71 करोड़ रुपये तक पहुंच गए।
कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी का घाटा और भी बढ़कर 70.65 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में घाटा 47.02 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के समेकित घाटे में लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई है।
सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियां शामिल
कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजों में एनडीटीवी की सहायक कंपनियां—
- NDTV Convergence Limited
- NDTV Worldwide Limited
- NDTV Networks Limited
- NDTV Labs Limited
- NDTV Media Limited
के नतीजे शामिल हैं। साथ ही, OnArt Quest Limited, Lifestyle & Media Holdings Limited और Lifestyle & Media Broadcasting Limited जैसी जॉइंट वेंचर्स और Red-Pixels Ventures Limited (एसोसिएट) को भी इसमें समाहित किया गया है।
कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी के मार्केटिंग और प्रमोशनल खर्च में 26.3% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तिमाही में नेटवर्क ने विज्ञापन और प्रमोशन पर 57.25 करोड़ रुपये खर्च किए।
साफ है कि अदाणी के अधिग्रहण के बाद एनडीटीवी अपनी पकड़ और दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन लगातार बढ़ते घाटे और मार्केटिंग-डिस्ट्रीब्यूशन खर्चों के बीच नई पूंजी का निवेश कंपनी की रणनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।



Sanjeev Rai
August 30, 2025 at 8:59 am
कंपनी की वित्तीय स्थिति को देख कर सभी कर्मचारियों को 2 महीने में नई नौकरी तलाश करने को कहा गया है
Mahesh Agrawal
August 30, 2025 at 7:10 pm
जो काम उसकी को साजे, बाकी करे तो ठेंगा बाजे, कहावत १००% सही साबित हुई