नई दिल्ली/इलाहाबाद : न्यूज नेशन चैनल द्वारा निकाले गए कर्मचारियों के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चैनल प्रबंधन को कोई अंतरिम राहत (स्टे) नहीं दी है। कोर्ट अब इस मामले की पूरी सुनवाई करेगा। कर्मचारियों ने पहले ही कोर्ट में कैविएट दायर कर रखी थी, जिससे प्रबंधन को एकतरफा राहत नहीं मिल सकी।
क्या है पूरा मामला?
नवंबर-दिसंबर 2024 में न्यूज नेशन प्रबंधन ने अचानक करीब 300 मीडियाकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इन कर्मचारियों में रिपोर्टर, एंकर, कैमरामैन, एडिटर्स और टेक्निकल स्टाफ शामिल थे। निकाले गए कर्मचारियों को बिना कोई पूर्व सूचना या नोटिस दिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
निकाले गए कर्मचारियों का आरोप:
- बिना पूर्व सूचना अचानक बर्खास्तगी
- न तो मुआवजा दिया गया, न ही बकाया वेतन चुकाया गया
- नौकरी से निकालने के लिए कोई वैध कारण नहीं बताया गया
- प्रबंधन ने बातचीत तक करने से इनकार कर दिया
इसके विरोध में कर्मचारियों ने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) स्थित डिप्टी लेबर कमिश्नर के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लंबी जांच के बाद लेबर कोर्ट ने न्यूज नेशन प्रबंधन को निर्देश दिया कि निकाले गए कर्मचारियों का बकाया भुगतान किया जाए। लेकिन प्रबंधन ने इस आदेश की अनदेखी की।
कर्मचारियों का संघर्ष और कोर्ट की लड़ाई
जब न्यूज नेशन प्रबंधन ने हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील की, तो निकाले गए कर्मचारियों ने पहले से ही कैविएट दायर कर रखी थी, जिससे चैनल को कोई स्टे नहीं मिला। अब कोर्ट इस मामले की पूरी सुनवाई करेगा और दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
न्यूज नेशन प्रबंधन पर गंभीर आरोप
निकाले गए कर्मचारियों का कहना है कि न्यूज नेशन का मैनेजमेंट बेहद क्रूर और अमानवीय व्यवहार कर रहा है। चैनल ने एक बार भी इन कर्मचारियों से बात करने की कोशिश नहीं की। मीडिया संगठनों और पत्रकार यूनियनों ने भी प्रबंधन के इस रवैये की कड़ी निंदा की है।
कर्मचारियों की मांग:
- सभी निकाले गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए
- बकाया वेतन और मुआवजा तुरंत दिया जाए
- बिना पूर्व सूचना और कारण बताए निकाले जाने की नीति को रोका जाए
क्या न्यूज नेशन बंद होने की कगार पर है?
इस बीच, मीडिया जगत में यह चर्चा जोरों पर है कि न्यूज नेशन चैनल आर्थिक संकट में है और जल्द ही बंद हो सकता है। सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि चैनल ने अपने 80% से ज्यादा कर्मचारियों को आधी रात में निकाल दिया और अपने अधिकांश क्षेत्रीय चैनलों को बंद करने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, चैनल की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
आगे क्या?
कोर्ट की अगली सुनवाई में स्थिति और साफ होगी कि न्यूज नेशन प्रबंधन कर्मचारियों को वेतन देगा या नहीं।
यदि कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन और कानूनी लड़ाई को और तेज करने की तैयारी कर रहे हैं।
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