Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

ओटीटी का कंटेंट भी टीवी चैनलों की तरह टाइप्ड होता जा रहा है!

प्रभात रंजन-

हाल में टीवी उद्योग के एक सीनियर प्रोड्यूसर मित्र से बात हो रही थी तो उनका कहना था कि धीरे-धीरे ओटीटी का कंटेंट भी टीवी चैनलों के कंटेंट की तरह ही टाइप्ड होता जा रहा है- बिहार, यूपी की कहानियाँ और उनका एक स्टीरियोटाइप चित्रण।

मुझे अनंत विजय की किताब ‘ओवर द टॉप का मायाजाल’ का ध्यान आया। भारत में ओटीटी माध्यम के उद्भव और उसकी संभावनाओं को लेकर लेखक ने इसमें विस्तार से बताया है। किताब में उन्होंने ओटीटी के कंटेंट को लेकर विस्तार से बात की है।

किस तरह सेक्स, हिंसा, धूम्रपान के दृश्य आम होते हैं। इसके कंटेंट के विनियमन के लिए कोई कानून नहीं है इसलिए इनको रोका भी नहीं जा सकता।

लेखक ने एक अध्याय में यह विस्तार से बताया है कि किस तरह ओटीटी के कारण मनोरंजन का विस्तार और उसके कारण हिंदी का विस्तार वैश्विक स्तर पर हो रहा है। इससे भारतीय कहानियाँ दूसरे देशों में उपलब्ध हो रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक कोई भी वेब सीरिज अगर नेटफ्लिक्स या अमेजन या हॉटस्टार पर रिलीज होती है तो वह करीब 190 देशों में एक साथ उपलब्ध हो जाती है। ओटीटी वेब सीरिज को उन्होंने किस्सागोई की परंपरा से जोड़कर देखा है।

किताब में अनंत जी ने आंकड़ों के आधार पर यह बताने की कोशिश की है जो माध्यम कभी टीवी धारावाहिकों के कंटेंट की ऊब, एकरसता से मुक्ति दिलाने वाले माध्यम के रूप में आया था। अब यह माध्यम स्वयं फ़ार्मूलाबद्ध होता जा रहा है। इस माध्यम में भी नए प्रयोगों के लिए जगह कम होती जा रही है। जबकि कंसल्टेंसी फर्म प्राइसवाटरहाउस कूपर्स की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक ओटीटी के क्षेत्र में भारत विश्व का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है।

किताब के परिशिष्ट में लेखक ने ओटीटी को लेकर अलग-अलग देशों में किस तरह के नियमन हैं उसके बारे में जानकारी भी दी है।

कुल मिलाकर, ओटीटी के कार्यव्यापार, व्यापार और विस्तार को समझने के लिए अनंत विजय की यह किताब उपयोगी है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन