वैक्सीन लगने के बाद संक्रमित हुए पनगड़िया की हालत नाज़ुक!

गिरीश मालवीय-

पनगड़िया के करीबी की मानें तो उन्होंने इस बीमारी से करीब 10-12 दिन पहले कोवीशील्ड की दूसरी डोज SMS अस्पताल जाकर लगवाई थी। वैक्सीन लगने के बाद कुछ दिन बाद उन्हें कोविड के लक्षण महसूस हुए और उन्होंने जब जांच करवाई तो कोरोना की पुष्टि हुई।

बताया जा रहा है कि वह पिछले एक साल से घर से कहीं ज्यादा नहीं निकलते थे। पिछले साल जुलाई 2020 में उनके पुत्र की शादी के दौरान भी कार्यक्रम में महज 15 लोग ही शामिल हुए थे।

उदयपुर में प्रस्तावित शादी समारोह को जयपुर में एक छोटे से आयोजन के तौर पर करवाया था। इसके अलावा डॉ. पनगड़िया ने पिछले एक साल (कोविड जब से शुरू हुआ) तब से मरीजों को देखना भी बंद कर दिया था, केवल ऑनलाइन ही मरीजों को परामर्श दिया करते थे।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पानगड़िया को 1992 में राजस्थान सरकार की ओर से मेरिट अवॉर्ड मिला। वे SMS में न्यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष रहे। 2006 से 2010 तक प्रिंसिपल रहे। 2002 में उन्हें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने डॉ. बीसी रॉय अवॉर्ड दिया। 2014 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। उनके 90 से ज्यादा पेपर जर्नल में छप चुके हैं।

वैक्सीन और संक्रमण में मधुर सम्बंध!

अब मैं शर्त लगा के बोल सकता हूँ कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने और वैक्सीनेशन के बीच सीधा संबंध है,…….. आपको पता है !….पूरी दुनिया मे सिर्फ ताइवान ही एक ही देश ऐसा था जिसने संक्रमण को रोकने में अब तक मॉडल का काम किया था …..लेकिन वहाँ भी अब बड़ी संख्या में कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं ……..कैसे ?

ताइवान में जनवरी 2020 में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था……..जब चीन में 80 हजार केस थे तब ताइवान में सिर्फ 50 केस रिपोर्ट किये गए , मार्च 2021 तक वहाँ मरीजों की संख्या 990 थी ओर कुल 10 लोगों की मौत हुई थी……

22 मार्च 2021 वह तारीख थी जब वहां एस्ट्राजेन्का का कोरोना का टीका लगना शुरू हुआ दो महीने भी नही गुजरे थे कि ताइवान की सरकार ने कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका जताना शुरू कर दी , ओर लॉक डाउन जैसे गंभीर उपाय पर अमल करना पड़ा……. 18 मई के बाद से वहाँ रोजाना वहाँ 400-500 केस नजर आ रहे है, 28 मई को वहाँ एक दिन में 19 मौते रिकॉर्ड की गयी है.

29 मई यानी आज तक कोरोना केस अब वह 7806 हो गए हैं कुल 99 मौते हो गयी है….आप स्वंय वर्ल्डमीटर पर जाकर इन आंकड़ो की पुष्टि कर सकते हैं.

आप भारत या अन्य दक्षिण अमेरिकी देशो के लोगो के बारे में तो यह कह सकते हैं कि ये लोग मास्क नही लगाते, भीड़ भाड़ करते हैं सोशल डिस्टेंसिंग नही रखते आदि लेकिन ताइवान के लोग तो बहुत अनुशासित है वहाँ तो हर जगह अभी भी तापमान चेक किया जाता है और लोग बिना Hand Sanitizer और Mask के बाहर नहीं निकलते हैं……वो तो वैसे ही अनुशासित होंगे तो इतने मामले अचानक से कैसे बढ़ गए. अब ताइवान में मामले बढ़ने को केसे जस्टिफाई करेंगे? बताइये?



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