
परवेज अहमद-
मित्रों, बुधवार की शाम 9.10 बजे मेरी ही मूर्खता से मेरा आधिकारिक हैंडल parvezahmadj हैक्ड हो गया था. मेरे भाई, पत्रकार वसीम अकरम त्यागी, प्रो. इलाहाबादी, भाई संजय त्रिपाठी, डॉ. मनिता सिंह, शाहबाज शेख, योगेश कुमार, शान भाई ने 05 मिनट के अंदर ही हैंडल हैक्ड होने की जानकारी X के मित्रों से साझा की.
इसके बाद X के मेरे मित्रों ने ताबड़तोड़ ट्वीट किये. X के अधिकारियों को आगाह किया. कुछ देर के अंदर ही हमने FIR दर्ज कराई…और रात डेढ़ बजे ही हैंडल रिस्टोर हो गया…आज साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 20 से दिनों से मेरे हैंडल को हैक करने का प्रयास किया जा रहा था. बग्स भेजे जा रहे थे, जिन्हें हम इग्नोर कर रहे थे पर कल रात 9.10 पर X-team नाम के छद्म बग्स को हमने टच किया और तुरंत ही हैकर ने X पर पड़ा मेरा वास्तविक मेल और हैण्डल का नाम ही बदल दिया. जिसकी कॉपी X और साइबर सेल दोनों ने भेजी.


यह भी बताया किन लोकेशन से बग्स भेजे गए. इसके लिए डेस्क टॉप और सस्ते स्मार्ट मोबाइल का इस्तेमाल किया गया था…हैकिंग करने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी भी जुटा ली है. उन्होंने कुछ लोगों को नामजद करने को कहा फ़िलहाल हमने मना कर दिया है क्यूंकि बग्स को टच करने की गलती हमने भी तो की थी!
इतना लम्बा बताने का मकसद इतना है कि नीचे दिख रहे इस तरह के किसी भी लिंक को खोलने से गुरेज करें…

-जिस फोन पर आपका ऑन लाइन लेनदेन वाले अकाउंट हों उस पर सोशल मीडिया अकाउंट न बनाये
-ज़रूरी दस्तावेज डिगी लॉकर में रखें
-प्राइवेसी अलर्ट ऑन रखें ताकि संदिग्ध अटैक होते ही आपको सूचना मिल जाए
-लड़कियां, महिलाये विशेष सतर्कता बरतें
ये बातें पाँव में बिवाई का दर्द महसूस करने के बाद बता रहे हैं!
जिन साथियों ने मित्रों को वास्तविक स्थिति की त्वरित जानकारी दी, उन सभी का आभार!
हाँ , मैं बड़ा आदमी हो गया हूँ कुछ ट्रॉलर्स parvezahmedjj नाम से हैंडल बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, आप सब ध्यान रखें. मेरा वास्तविक हैंडल वेरीफाइड है!
मेरे नरेटिव में जान है, यह हैकिंग और ब्लॉक करो अभियान से स्पष्ट हुआ
बशीर बद्र साहब के शब्दों में…
मुखालिफत से मेरी सख्शियत संवरती है,
मैं दुश्मनों का बड़ा एहतराम करता हूँ!



