Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

बिहार

फिल्मी गैंगवार स्टाइल में मारे गए पत्रकार पुत्र के आरोपी भी हल्की प्रोफाइल के नहीं हैं!

सुभाष सिंह सुमन-

राज्य की राजधानी के टॉप कॉलेज का कैंपस हो. एक विद्यार्थी परीक्षा देकर निकल रहा हो. उसके ऊपर 10-12 लोग तभी हमला कर देते हों. लाठी, लोहे की रॉड, ईंट वगैरह से उस अकेले को बेतरह पीटा जाता हो. इतना कि बच्चे की जान चली जाती हो.

यह कोई सिनेमा या वेब सीरीज नहीं है. यह सब सच है और पटना में हुआ है. मरने वाला लड़का राजनीति में ठीक सक्रियता रखता था. समस्तीपुर से भाजपा गठबंधन की सांसद उम्मीदवार शांभवी चौधरी के प्रचार में खूब सक्रिय था. शांभवी नीतीश जी के करीबी बिहार में मंत्री अशोक चौधरी की बेटी हैं और आचार्य किशोर कुणाल की पतोहु हैं. लड़के के बारे में लोग बता रहे हैं कि वह शांभवी और सायन कुणाल के करीबी संपर्क का था. लड़के के चाचा मोदीजी के सोशल मीडिया वाले परिवार के सदस्य हैं. पिताजी वरिष्ठ पत्रकार हैं. मतलब कोई हल्का प्रोफाइल नहीं था मृतक का.

हत्या की वजह छात्र राजनीति और जाति बताई जा रही है. अभी अगर नीतीश जी की सरकार लालूजी की पार्टी के साथ रहती तो यह बड़ा मुद्दा बन सकता था. लेकिन अभी सरकार में भाजपा भागीदार है तो जंगलराज भी नहीं कहा जा सकता. कुछ और भी फैक्टर खेल रहे हैं. मारने वाले भी कम राजनीतिक संपर्क वाले नहीं हैं. मुख्य आरोपी कहकर जो गिरफ्तार हुआ है, तेजप्रताप यादव के साथ उसकी तस्वीरें तैर रही हैं. आइसा का मेंबर बताया जा रहा है. लालूजी की जात का है. लेकिन वह अकेला नहीं था. बाकी के जो लोग थे, उनमें कुछ पटेल छात्रावास के भी थे. पटेल छात्रावास नीतीश जी की जाति का मक्का है.

राज्य की राजनीति के शीर्ष तक उलझते तार के बाद मामला कितना साफ हो पाएगा, ये भविष्य में पता चलेगा, लेकिन एक बात जो साफ पता चलती है, वो है कि राजनीति के चक्कर से युवाओं को दूर रहना चाहिए. सामाजिक कामों में सक्रियता रखिए. करियर बनाने पर ध्यान दीजिए. नेताजी लोग आपकी और आपके बच्चों की लाशों से आग लेकर मस्त चिलम फूंकते हुए चुनाव-चुनाव खेल सकते हैं. जिस पार्टी के लिए लड़का और लड़के के परिजन परिवार बने हुए थे, वो भी अपने संतुलन के चक्कर में इसे मुद्दा नहीं बनने देगी.

इस हत्या में नुकसान हुआ उस मां-बाप का, जिनकी अकेली और जवान औलाद चली गई. उस समाज का भी नुकसान हुआ, जिसके लिए पटना की बाढ़ से कोरोना काल तक लड़का भागदौड़ी में लगा रहा. नेताजी लोग इसमें भी अपना फायदा निकाल लेंगे, या निकाल चुके होंगे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन