लखनऊ | संसदीय पत्रकारिता एक जिम्मेदारी का कार्य है जिसमें पत्रकारों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहनता और निष्पक्षता के साथ लिखना चाहिए। पत्रकारों को हमेशा तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग करनी चाहिए और बिना किसी पक्षपात के सटीक जानकारी जनता तक पहुंचानी चाहिए। संसदीय पत्रकारिता में एक छोटी सी भी गलती बड़ी गलतफहमी पैदा कर सकती है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आज यहां विधान सभा में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की नवनिर्वाचित कमेटी से शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारिता का सशक्त और ईमानदार होना आवश्यक है। पत्रकारों को हमेशा विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। पत्रकारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पत्रकारिता के उच्च मानदंडों का पालन करते हुए निष्पक्ष और संतुलित रिपोर्टिंग करें जिससे लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हो सकें।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यूपी विधानसभा में पत्रकारों के बैठने के लिए स्थित प्रेस रूम का भव्य सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पत्रकारों को बेहतर कामकाजी माहौल उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पत्रकारों के लिए एक विशेष संसदीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें पत्रकारों को संसदीय विषयों पर गहन जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महाना की इस पहल की सराहना करते हुए संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के सहयोग और नेतृत्व में पत्रकारों के लिए जो सुविधाएं और अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, वे प्रशंसनीय हैं। उन्होंने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में सतीश महाना द्वारा दिए गए समर्थन की भी सराहना की और कहा कि इससे पत्रकारिता जगत को एक नई दिशा मिल रही है। श्री तिवारी ने आशा व्यक्त की कि विधानसभा में पत्रकारों के लिए किए जा रहे सुधार और संसदीय कार्यशाला के आयोजन से पत्रकारों को अपने कार्य को और बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी।
सतीश महाना ने अंत में कहा कि उनका उद्देश्य पत्रकारों को ऐसे साधन और अवसर प्रदान करना है जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें और समाज को सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकें।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा, अविनाश चंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष आलोक कुमार त्रिपाठी एवं संयुक्त सचिव विजय कुमार त्रिपाठी, अनिल सैनी और कार्यकारिणी सदस्य- दिलीप सिन्हा, रितेश सिंह, अब्दुल वहीद, नावेद शिकोह, वेद प्रकाश दीक्षित, शबीहुल हसन, भूपेंद्र मणि त्रिपाठी, रेनू निगम, डॉ सुयश मिश्रा व सत्येंद्र राय मौजूद रहे।


