नयी दिल्ली: ‘कॉपीराइट’ इन दिनों एक चर्चित शब्द बन चुका है, जो क्रिएटर्स, पब्लिशर्स और दर्शकों के बीच बहस का केंद्र बना हुआ है। इसकी शुरुआत एएनआई से हुई थी, लेकिन अब कई अन्य एजेंसियाँ और प्रकाशन भी इसकी ज़द में आ चुके हैं।
अब इस सिलसिले में भारत सरकार भी शामिल हो गई है। प्रसार भारती ने गुरुवार को PB-SHABD (Prasar Bharati – Shared Audio-Visuals for Broadcast and Dissemination) नामक एक नई पहल की घोषणा की है। यह मंच खास तौर पर यूट्यूबर्स, पॉडकास्टर्स, वीडियो एडिटर्स और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के लिए शुरू किया गया है।
प्रसार भारती ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के ज़रिए कई पोस्ट साझा कर क्रिएटर्स से इस मंच पर पंजीकरण करने की अपील की है। इसके तहत उन्हें समाचार क्लिप्स, दृश्य सामग्री और अन्य प्रमाणिक कंटेंट मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे बिना किसी कॉपीराइट चिंता के इस्तेमाल किया जा सकेगा।
एक पोस्ट में लिखा गया है, “कॉपीराइट स्ट्राइक की चिंता? अब नहीं!”
आकाशवाणी समाचार के आधिकारिक X अकाउंट पर मंच की झलक दिखाते हुए बताया गया कि इसमें “50 कैटेगरी, 15 भाषाएं, एक प्लेटफॉर्म” की सुविधा उपलब्ध है।
इस पहल को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी साझा किया है और इसे “क्रिएटर्स के लिए गेम-चेंजर” बताया है।
प्लेटफॉर्म के अनुसार, अब तक 1,700 से अधिक पत्रकार इस सेवा का उपयोग कर चुके हैं, जिनमें इन्फोग्राफिक्स, वीडियो, फ़ोटो और टेक्स्ट सामग्री शामिल हैं।
PB-SHABD को उन क्रिएटर्स के लिए सरकार की ओर से एक सहारा माना जा रहा है जो हमेशा कॉपीराइट स्ट्राइक की चिंता में रहते हैं। एक पोस्ट में लिखा गया है – “आप बनाइए, हम आपका साथ देंगे। न कोई कॉपीराइट क्लेम, न कोई टेकडाउन, न कोई स्ट्राइक।”
गौरतलब है कि इसी तरह की एक पहल बीते दिनों प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी PTI (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) ने भी की थी, जिसमें चुनिंदा मीडिया संस्थानों और क्रिएटर्स को लाइसेंसशुदा कंटेंट उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। इससे यह साफ हो गया है कि कॉपीराइट और कंटेंट वितरण को लेकर भारत के मीडिया परिदृश्य में एक नया दौर शुरू हो चुका है।
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