नई दिल्ली: यूट्यूब क्रिएटर्स द्वारा एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) पर भारी-भरकम लाइसेंस फीस और हर्जाने की मांग के आरोप लगाने के कुछ दिन बाद, देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) ने यूट्यूब और सोशल मीडिया क्रिएटर्स को किफायती दरों पर वीडियो देने की पेशकश की है।
पीटीआई ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “भारत की सबसे विश्वसनीय समाचार एजेंसी होने के नाते हम विश्वसनीय पत्रकारिता और नैतिक व्यवसायिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। जिम्मेदार कंटेंट निर्माण को समर्थन देने के लिए हम व्यक्तिगत यूट्यूब क्रिएटर्स को बेहद किफायती दरों पर हमारे वीडियो उपलब्ध कराने की पेशकश करते हैं।”
गौरतलब है कि ANI और PTI दोनों ही न्यूजवायर एजेंसियां हैं जो देशभर और कुछ विदेशी राजधानियों से समाचार, फोटो और वीडियो कंटेंट मीडिया संगठनों को प्रदान करती हैं। हालांकि पीटीआई ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह अपने वीडियो कंटेंट के लिए कितनी फीस वसूलेगा।
पिछले सप्ताह यूट्यूबर मोहक मंगल और रजत पवार ने अपने-अपने चैनलों पर वीडियो पोस्ट कर ANI से हुई बातचीत का विवरण साझा किया था। उन्होंने दावा किया कि ANI के प्रतिनिधियों ने उन्हें बिना लाइसेंस क्लिप्स के इस्तेमाल के लिए ₹48 लाख तक के हर्जाने और लाइसेंस फीस की मांग की। ANI का कहना है कि उसकी यह मांग जायज है।
वहीं यूट्यूब क्रिएटर्स का दावा है कि उन्होंने ANI के फुटेज के छोटे-छोटे अंश “फेयर यूज़” (उचित उपयोग) के तहत विश्लेषण और आलोचना के उद्देश्य से उपयोग किए हैं। अमेरिका जैसे देशों में “फेयर यूज़” का कानूनी आधार कई अदालती मामलों के ज़रिये मजबूत हुआ है, जबकि भारत में कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत “फेयर डीलिंग” का सिद्धांत शिक्षा और मनोरंजन से जुड़े कुछ मामलों में ही अदालतों द्वारा परखा गया है। हालांकि न्यूजवायर एजेंसियों से जुड़े कॉपीराइट विवादों पर भारतीय अदालतों ने अब तक कोई स्पष्ट दिशा नहीं दी है।
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