नई दिल्ली | भारत के सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती ने Waves OTT प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा के समाचार और समसामयिक चैनलों को जोड़ने के लिए अधिसूचना जारी की है। यह अवसर केवल उन्हीं चैनलों को मिलेगा जो वर्तमान में DD FreeDish पर उपलब्ध हैं। इच्छुक चैनलों को 24 मार्च 2025 शाम 5 बजे तक अपना आवेदन जमा करना होगा।
क्या है प्रक्रिया?
प्रसार भारती ने स्पष्ट किया है कि चयनित चैनलों को अपने प्रसारण फीड में SCTE-35 एड मार्कर सक्षम करना होगा। यह एक तकनीकी प्रोटोकॉल है, जो विज्ञापन प्रसारण के संकेत देने में सहायक होता है और लक्षित विज्ञापन को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने की सुविधा देता है। इसके तहत, चैनलों को विज्ञापन ब्रेक की शुरुआत और समाप्ति का सटीक संकेत देना होगा।
राजस्व साझा करने का मॉडल
Waves OTT प्लेटफॉर्म पर स्थान पाने वाले चैनलों को राजस्व साझेदारी मॉडल के तहत काम करना होगा। इसमें नेट विज्ञापन राजस्व का 65% हिस्सा चैनल को मिलेगा, जबकि 35% हिस्सा प्रसार भारती के पास जाएगा।
नेट राजस्व की परिभाषा में विज्ञापन से प्राप्त कुल आय में से प्रसार भारती द्वारा वहन किए गए खर्चों (जैसे ट्रांसकोडिंग लागत, CDN लागत, और विज्ञापन एजेंसी का कमीशन) को घटाने के बाद शेष राशि को माना जाएगा।
चयन का आधार
प्रसार भारती के अनुसार, उन्हीं समाचार और समसामयिक चैनलों को Waves OTT पर स्ट्रीमिंग के लिए चुना जाएगा, जिनके पास सभी समय स्लॉट में उच्चतम दर होगी। यह चयन DAVP (Bureau of Communications) दर कार्ड के अनुसार किया जाएगा।
विज्ञापन प्रबंधन की जिम्मेदारी
इस प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले चैनलों पर विज्ञापन प्रसार भारती ही संचालित करेगा। यदि किसी स्थिति में पूरी विज्ञापन अवधि भरी नहीं जा सकी, तो शेष समय का उपयोग प्रसार भारती अपने प्रचार और अन्य स्ट्रीमिंग चैनलों के विज्ञापन के लिए करेगा।
एक साल के लिए वैध अनुबंध
यह अनुबंध एक वर्ष के लिए मान्य होगा और इसे चैनल के Waves OTT प्लेटफॉर्म पर जुड़ने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा।
समाचार जगत के लिए बड़ा अवसर
प्रसार भारती का यह कदम डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में समाचार चैनलों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। इससे DD FreeDish के समाचार चैनलों को OTT प्लेटफॉर्म पर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिलेगा।



