Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

क्या गोदी ऐंकरों को प्रशांत किशोर का शुक्रिया अदा नहीं करना चाहिए?

रवीश कुमार-

चुनाव से पहले लग रहा था कि प्रशांत किशोर के मीडिया से कितने अच्छे संबंध है या मीडिया के भीतर उनका प्रभाव है। मैं किसी का इंटरव्यू नहीं करता तो प्रशांत किशोर का नहीं किया। कवर भी नहीं किया। एक वीडियो बनाया जब उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। लेकिन प्रशांत किशोर का इंटरव्यू पर इंटरव्यू चकित कर रहा था।

मैं चुपचाप चुनावों के दौरान मीडिया के स्पेस में उनकी भूमिका को नोट कर रहा था। उन्होंने अशोक चौधरी और सम्राट चौधरी पर आरोप लगाए फिर दोनों मामला ग़ायब हो गया। चुनाव के बीच में ऐसे मुद्दे ग़ायब भी हो जाते हैं। तभी बने रहते हैं जब गोदी मीडिया उसमें कूदता है। गोदी मीडिया ने उनके इस आरोप से दूरी बना ली। खैर जो भी वजह रही हो। मैं हैरान ज़रूर हो रहा था कि प्रशांत किशोर का इतना इंटरव्यू क्यों हो रहा है, लोग क्या जानना चाहते हैं? किसी नेता का एक दो या तीन इंटरव्यू काफी होता है।

चुनाव भर बिहार में कोई इंटरव्यू जमाने वाला भी नहीं था। इंटरव्यू में प्रशांत किशोर बात रख रहे थे फिर बिखरते और बिफरते भी नज़र आए। कहा गया कि अंहकार भरी बातें कर रहे हैं। जनसुराज का खाता नहीं खुलने पर जिस तरह उसी मीडिया का उनके प्रति गुस्सा दिख रहा है, पत्रकारों का भड़ास निकल रहा है, अब इस बात से हैरान हो रहा हूँ।

चुनाव से पहले उनके बीजेपी की बी टीम होने को लेकर कानाफूसी चलती रही, चुनाव के दौरान थ्योरी बदली और कहा जाने लगा कि बीजेपी को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। सच क्या है, प्रशांत किशोर ही बता सकते हैं। क्या इस सच की पृष्ठभूमि में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है? या यह आज कल के पैटर्न का हिस्सा है कि हर किसी को बीजेपी से मैनेज बता दिया जाता है?

गोदी ऐंकरों को प्रशांत किशोर का एक बात का शुक्रिया अदा करना चाहिए। प्रशांत ने एक एक घंटे का इंटरव्यू देकर उनकी दिहाड़ी पूरी कर दी। ऐंकरों का कम से कम मेहनत में रोस्टर पूरा हो गया। कई इंटरव्यू से लग रहा था कि ऐंकर ने कोई तैयारी नहीं की, उस दिन काम नहीं करना था, कोई आइडिया नहीं मिल रहा है तो चलो प्रशांत का इंटरव्यू कर लेते हैं। जो व्यक्ति मीडिया के स्पेस को अपने इंटरव्यू से ज़ीरो बजट में भर देता हो, उस व्यक्ति को वही चैनल इतना क्यों गरिया रहे हैं?

क्या गोदी ऐंकरों को प्रशांत किशोर का शुक्रिया अदा नहीं करना चाहिए? जिस तरह से मैं किसी का इंटरव्यू नहीं करता, प्रशांत किशोर को भी किसी को इंटरव्यू नहीं देना चाहिए। इससे एक काम तो यह होगा कि उस दिन किसी गोदी ऐंकर की दिहाड़ी नहीं बचेगी। उसे कुछ और आइडिया सोचना होगा। खैर अब शायद इसकी नौबत ही न आए।

प्रशांत किशोर को भी इस पर कुछ कहना चाहिए। मैं आज की उनकी प्रेस कांफ्रेंस को नहीं सुन सका। जो जीता है वह अभी तक प्रेस कांफ्रेंस नहीं कर सका और जिसकी सबसे बुरी हार हुई है उसने प्रेस कांफ्रेंस की। क्या इस प्रेस कांफ्रेंस में प्रशांत ने कुछ कहा है? क्या चुनाव के दौरान मीडिया उन्हें चढ़ा रहा था और अब धुन रहा है ताकि प्रशांत किशोर को सबसे नकारा साबित कर दिया जाए।

राजनीति में एक बात का ध्यान रखना चाहिए। कोई भी कहीं से वापसी कर सकता है। इसके दर्जनों उदाहरण है। किसी के मिट जाने मर जाने की भविष्यवाणी नहीं करनी चाहिए। ठीक है कोई लड़ा, कोई जीता, कोई हारा। लोकतंत्र में हर लड़ने वाले का स्वागत कीजिए। हार जाने पर मज़ाक मत उड़ाइये। यह भी किसी की जीत के भरोसे अहंकार का प्रदर्शन है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन