लखनऊ- यूपी की राजधानी लखनऊ में राज्य महिला आयोग की सदस्य अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर में 6 जगह गहरी चोटें लगने की बात लिखी गई है। उनकी मौत पर जांच किए जाने की भी मांग उठ रही है। लेकिन अपर्णा या परिवार की तरफ से किसी तरह की जांच की मांग अब तक नहीं की गई है। बहरहाल, सवाल पूरे प्रदेश की फिजाओं में तैर रहे हैं…
विवेक त्रिपाठी-
“प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है.. शरीर पर छह चोटें थीं लेकिन मौत की वजह ‘पल्मोनरी एंबॉलिज्म’ थी..
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक के शरीर पर छह चोटें थीं.. पांच चोट दाएं हाथ पर कोहनी से कलाई तक थीं.. एक चोट छाती के दाएं तरफ थी और एक चोट बाईं कलाई पर थी..
सभी चोटें गिरने से लगने की आशंका है.. कोई भी चोट ऐसी नहीं है जिससे मौत हो सके..
डॉक्टर के मुताबिक प्रतीक यादव की मौत “पल्मोनरी एंबॉलिज्म” के कारण हुई है.. इस स्थिति में शरीर में खून के थक्के बन जाते हैं.. पैरों की नसों से निकलकर खून फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है.. खून फंसने से ऑक्सीजन का प्रवाह रुकने लगता है.. फेफड़ों में खून का प्रवाह रुक जाने से व्यक्ति की मौत हो जाती है.. खून रुकने से शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती, दिल के दाहिने हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव महसूस होता है जिससे हार्ट फेल हो जाता है..
प्रतीक यादव के शरीर में डॉक्टरों को खून का बड़ा क्लाट मिला.. ये कहा जा रहा है ब्लड क्लाट होने से अचानक सांस रुक गई और कुछ ही मिनट में प्रतीक यादव की मौत हो गई..
एनबीटी यूपी का एफबी पोस्ट-
उत्तर प्रदेश के बड़े राजनीतिक घराने मुलायम सिंह यादव परिवार में मौत के बाद कारणों को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। अस्पताल में प्रतीक यादव को देखने पहुंचे बड़े भाई समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके स्वास्थ्य की चर्चा की। साथ ही, कारोबारी नुकसान का जिक्र किया। वहीं, बाद में प्रतीक यादव के फेफड़ों की बीमारी से जूझने की बात भी सामने आई। प्रतीक यादव बीमारी का इलाज भी करा रहे थे। इस बीच अचानक निधन ने हर किसी को हैरान कर दिया। इस मामले में प्रतीक के दोस्त अंकित साहू का बड़ा बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने प्रतीक की बॉडी पर चोट के निशान और उसके नीला पड़ने का दावा किया है।
प्रतीक यादव के दोस्त अंकित साहू ने दावा किया है कि प्रतीक के बॉडी पर चोट के निशान थे। अंकित के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ऐसा लग रहा था कि उनकी बॉडी नीली पड़ गई थी। अंकित साहू के बयान ने हलचल तेज कर दी है। अंकित का कहना है कि अगर प्रतीक यादव के फेफड़ों में दिक्कत होती तो वे वजन नहीं उठा पाते। उन्होंने दावा किया कि प्रतीक जिम में 80 किलो एक 100 किलोग्राम तक वजन उठाते थे। उन्होंने प्रतीक की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ऐसे हुई प्रतीक यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जांच में सामने आया है कि Pulmonary Embolism (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) ऐसी स्थिति है
जिसमें शरीर में बना खून का थक्का बन जाता है
खून अक्सर पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है
इससे फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुकने लगता है
फेफड़ों में खून का प्रवाह रुक जाने से मौत हो जाती है
खून रुकने से शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती है
दिल के दाहिने हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव महसूस होता है
जिससे हार्ट फेल हो सकता है
लेकिन इस मामले में बड़ा क्लॉट होने से अचानक सांसे रुक गई
जिससे कुछ ही मिनटों में प्रतीक यादव की मौत हो गई। -विवेक बाजपेई

आभा शुक्ला-

प्रतीक यादव के शरीर पर चोटों के जो 6 निशान मिले हैं, पोस्टमार्टम के अनुसार उन चोटों को विस्तार से देखते हैं-
सीने पर चोट: 14 × 7 सेमी- दाहिने निप्पल के ठीक नीचे। चोट के नीचे खून जमने (ecchymosis) के साफ निशान।
दाहिने बाजू/कांख के नीचे: 19 × 12 सेमी- बहुत बड़ी चोट, दाहिने हाथ के ऊपरी हिस्से में।
दाहिने हाथ में लंबी चोट (कलाई से कोहनी तक): 24 × 8 सेमी- सबसे बड़ी चोटों में से एक।
दाहिने फोरआर्म पर: 6 × 4 सेमी – कोहनी से 15 सेमी नीचे।
दाहिनी कोहनी के पीछे: 12 × 6 सेमी।
बाएं हाथ की कलाई पर: 3 × 2 सेमी।
रिपोर्ट में बार-बार लिखा गया है- “ecchymosis present underneath the injury”। इसका मतलब है कि चोट के नीचे खून रिसा और जमा हुआ था, यानी ये चोटें शरीर के जीवित रहते लगाई गई थीं, न कि मौत के बाद।
अंतिम संस्कार कल होगा।


