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सियासत

बिना अध्यक्ष के चल रही है प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया!

2024 से कौंसिल का गठन नहीं

खेमराज चौरसिया-

देश में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने, पत्रकारिता में उच्च नैतिक और पेशेवर मानकों को बनाए रखने, प्रेस और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने, पत्रकारों और पत्रकारिता के हितों की रक्षा करने सहित प्रेस की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाये रखने के उद्देश्य से भारतीय संसद द्वारा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट, 1965 के तहत 1966 में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) का गठन किया गया था।

यह एक स्वायत्त संस्था है जो प्रेस की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में अध्यक्ष सहित कुल 29 सदस्य होते हैं। इनमें से 13 सदस्य कामकाजी पत्रकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें 6 संपादक और 7 अन्य पत्रकार शामिल हैं। इसके अलावा, 6 सदस्य समाचार पत्रों के मालिक या प्रबंधन से जुड़े होते हैं, 1 सदस्य समाचार एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करता है, और 5 सदस्य संसद से होते हैं, जिसमें 3 लोकसभा से और 2 राज्यसभा से होते हैं।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का चुनाव एक विशिष्ट प्रक्रिया के तहत होता है, जिसमें विभिन्न संगठनों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष होता है, और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से नियुक्त किया जाता है।

वर्तमान में, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की अध्यक्ष का पद खाली है, क्योंकि जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई का कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो गया है।

न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई का भारतीय प्रेस परिषद (PCI) के अध्यक्ष के रूप में नियमित तीन वर्षीय कार्यकाल 16 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है। वे 2022 में नियुक्त हुई थीं और उनका विस्तारित कार्यकाल 16 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुआ है।

14वीं प्रेस परिषद का कार्यकाल अक्टूबर 2024 में समाप्त हो गया था, लेकिन नई परिषद का गठन अभी तक नहीं हुआ है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया 15वीं प्रेस परिषद का गठन पूरी तरह से नहीं हुआ है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की 15वीं प्रेस परिषद का गठन प्रक्रिया जारी है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया 14वीं प्रेस परिषद का कार्यकाल अक्टूबर 2024 में समाप्त होने, अध्यक्ष का विस्तारित कार्यकाल 16 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो जाने के बाद आज देश के पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए कोई संवैधानिक निकाय मौजूद नहीं है।

प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स पंजीकृत (PCWJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सैयद खालिद कैस एडवोकेट ने प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के गठन में हो रही देरी ओर बिना अध्यक्ष के प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह सरकार के उदासीन व्यवहार का परिणाम है।..

खेमराज चौरसिया आर टीआई कार्यकर्ता और संवाददाता: TNI न्यूज़ एजेंसी तथा राष्ट्रीय महासचिव प्रेस क्लब ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट से जुड़े हैं।

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