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अगले पांच सालों में प्रिंट मीडिया को इंटरनेट से कड़ी चुनौती मिलेगी: साईंनाथ

SAINATH

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर में ‘ग्रामीण भारत और मीडिया’ विषय पर बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार पी. साईंनाथ ने कहा कि ‘ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। पलायन के कारण गांव खाली हो गए हैं। इस कारण परिवार टूट रहे हैं। ग्रामीण भारत में असमानता, स्वास्थ्य एवं जल की उपलब्धता की भी समस्या है। ये समस्याएं ग्रामीण भारत के विकास की सबसे बड़ी बाधाएं हैं। वहीं मीडिया में ग्रामीण भारत नहीं दिखता, क्योंकि इस डिजिटल युग में बड़े व्यवसायिक एवं राजनीतिक घराने मीडिया व्यवसाय में उतर आए हैं। ऐसे में मीडिया कार्पोरेट घरानों एवं विज्ञापनदाताओं के प्रति गंभीर हो गया है। टेलीविजन न्यूज अब टॉक टीवी हो गया है।

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रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर में ‘ग्रामीण भारत और मीडिया’ विषय पर बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार पी. साईंनाथ ने कहा कि ‘ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। पलायन के कारण गांव खाली हो गए हैं। इस कारण परिवार टूट रहे हैं। ग्रामीण भारत में असमानता, स्वास्थ्य एवं जल की उपलब्धता की भी समस्या है। ये समस्याएं ग्रामीण भारत के विकास की सबसे बड़ी बाधाएं हैं। वहीं मीडिया में ग्रामीण भारत नहीं दिखता, क्योंकि इस डिजिटल युग में बड़े व्यवसायिक एवं राजनीतिक घराने मीडिया व्यवसाय में उतर आए हैं। ऐसे में मीडिया कार्पोरेट घरानों एवं विज्ञापनदाताओं के प्रति गंभीर हो गया है। टेलीविजन न्यूज अब टॉक टीवी हो गया है।

साईंनाथ ने कहा कि बीते दशक में ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है। इस दौरान अव्यवस्थित छोटे कस्बों की संख्या बड़ी है। इन कस्बों में कृषि क्षेत्र में कमी आई है। ग्रामीण भारत पर शहरी भारत का असर पड़ा है। पिछले 20 साल में असमानता तेजी से बढ़ी है। आबादी का एक बड़ा हिस्सा 20 रुपए में एक दिन का जीवन गुजारा करने पर विवश है। वहीं दूसरी तरफ विश्व में अरबपतियों की सूची में भारत खासा स्थान रखता है।

उन्होंने कहा कि देश में जल का उचित प्रबंधन न होने के कारण कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण भारत की एक बड़ी समस्या स्वास्थ्य भी है। स्वास्थ्य पर अधिक धन के व्यय होने के कारण ग्रामीण गरीबी की तरफ बढ़ रहे हैं।

प्रिंट को इंटरनेट मीडिया से खतरा

साईंनाथ ने कहा कि अगले पांच सालों में प्रिंट मीडिया को इंटरनेट मीडिया से खतरा बढ़ जाएगा। मीडिया फैशन, ग्लैमर एवं मनोरंजन के प्रति आकर्षित है। मीडिया का ग्रामीण, महिलाएं एवं कृषि की तरफ ध्यान नहीं है।

विचार खत्म हो रहे हैं

इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि मीडिया के बाजार में पूंजी के प्रवेश से विचार खत्म हो रहे हैं। मीडिया से गरीब और गांव गायब हैं। पत्रकारिता विवि के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि पलायन का दर्द झेल रहे गांवों को वीरान होने से बचाना है। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट गांवों का विकास होना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. सुशील त्रिवेदी, विकल शुक्ला, राघवेश पांडेय, संदीप वनसूत्रे, संजय शर्मा, दिनकर केशव भाखरे, नवनीत पोद्दार सहित प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन डॉ. शाहिद अली ने किया।

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