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सहारा को तीन बर्खास्त मीडियाकर्मियों की बहाली और मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से वेतन देने के निर्देश

देहरादून। राष्ट्रीय सहारा प्रबंधन को अपने यहां से निकाले गए मीडियाकर्मियों के मामले में झटका लगा है। लेबर कोर्ट ने तीन कर्मियों की बर्खास्तगी को अवैध मानते हुए उनकी बहाली के साथ ही मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने का भी निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय सहारा ने देहरादून से छह कर्मचारियों को बिना कारण व चार्जशीट दिये बिना ही नौकरी से निकाल दिया था। इनमें से तीन कर्मचारी अदालत की शरण में गये थे। तीनों ही कर्मचारी प्रोडक्शन के थे। अदालत ने माना कि किसी भी कर्मचारी को बेवजह नहीं निकाला जा सकता है। मजीठिया की सिफारिशें माननीय सुप्रीम कोर्ट ने लागू की हैं।

इसके चलते पूर्णानंद त्रिपाठी, जय सिंह बिष्ट और अनिल वर्मा को नौकरी पर बहाल करने का आदेश दिया। इन लोगों को फरवरी 2016 में नौकरी से निकाला गया था। अदालत ने प्रबंधन को आदेश दिये हैं कि इन्हें उक्त अवधि से अब तक का हर माह का 50 फीसदी वेतन भी दिया जाए और साथ ही मजीठिया के अनुसार वेतन भी दें। सहारा प्रबंधन के मुताबिक अभी उन्हें अदालती आदेश नहीं मिले हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=ZSWezgxj9ts

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1 Comment

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  1. सहारा से निकाले गए तीनों साथियों को बधाई और शुभकामनाएं भी। निकाले तो मेरे साथ ही कई अन्य लोग भी थे। सुनाहै कि सुनील परमार जी का मामला पद के साथ एग्क्यूटिव चिपका होने के कारण खारिज कर दिया गया। इसमें परमार जी की क्या गलती। इस पहलू की तरफ तो वकील को और श्रम विभाग को ध्यान देना चाहिए था। अगर वाद कोर्ट में ठहरता ही नहीं तो वकील को केस लेना हो नहीं चाहिए था।
    बहरहाल दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं

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