लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से विधायक और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व अधिकारी राजेश्वर सिंह को IIT (ISM) धनबाद से ‘डायरेक्टर अवार्ड फॉर सर्विंग सोसायटी’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताया और इस प्रतिष्ठित संस्थान की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।
IIT (ISM) धनबाद की विरासत और योगदान
राजेश्वर सिंह ने IIT (ISM) धनबाद को भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक बताया, जो 99 वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान एनआईआरएफ 2024 रैंकिंग में 15वें स्थान पर है और ऊर्जा, खनन, तेल एवं गैस क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले विशेषज्ञ तैयार करता है।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पूर्व छात्र कोल इंडिया, ओएनजीसी, सेल, गेल, एनएमडीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड जैसी ‘नवरत्न’ और ‘महारत्न’ कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिससे भारत की औद्योगिक और आर्थिक ताकत को मजबूती मिल रही है। उनके मुताबिक, यहां की शिक्षा अनुशासन, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है, जो जीवनभर साथ रहती है।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता को पुनः परिभाषित करने वाली विरासत का हिस्सा होने पर गर्व है! IIT (ISM) धनबाद से ‘डायरेक्टर अवार्ड फॉर सर्विंग सोसायटी’ प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत सम्मानजनक क्षण है।
99 वर्षों की उत्कृष्टता से समृद्ध, IITISM DHANBAD भारत के शीर्ष और सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक के रूप में खड़ा है। NIRF 2024 इंजीनियरिंग कॉलेज रैंकिंग में 15वें स्थान पर, यह अपनी विश्वस्तरीय शिक्षा और अतुलनीय विरासत के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत की ऊर्जा रीढ़ ISM के गौरवशाली पूर्व छात्रों द्वारा संचालित है; CoalIndiaHQ और ONGC के नेतृत्व से, जो आधे राष्ट्र को ऊर्जा प्रदान करते हैं, लेकर तेल, गैस और खनन क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने तक।
SAILsteel, gailindia, nmdclimited और OilIndiaLimited जैसी नवरत्न और महारत्न कंपनियां ISM-प्रशिक्षित मस्तिष्कों के तहत फल-फूल रही हैं, जिससे भारत की औद्योगिक और आर्थिक शक्ति सुनिश्चित होती है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी प्रगति, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय विकास को गति देती है।
ISM से प्राप्त डिग्री सम्मान दिलाती है, यह दृढ़ता, ज्ञान और नेतृत्व का प्रतीक है! यहां प्राप्त प्रशिक्षण, अनुशासन और ज्ञान जीवनभर बना रहता है, जिससे दूरदर्शी और पथप्रदर्शक तैयार होते हैं, जो हमारे राष्ट्र का भविष्य आकार देते हैं!



तीन दशक पुरानी यादों का सफर
पुरानी यादों को ताजा करते हुए राजेश्वर सिंह IIT (ISM) धनबाद स्थित धनीराम जी की चाय की दुकान पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक चाय की दुकान नहीं, बल्कि 70 सालों की मेहनत और तीन पीढ़ियों की यादों का प्रतीक है।




उन्होंने लिखा, “यह वही जगह है जहां कभी सपने बुने गए, कभी हंसी-ठिठोली हुई, तो कभी भविष्य की चिंताओं पर गंभीर चर्चा भी हुई।”
राजेश्वर सिंह अपनी पत्नी लक्ष्मी सिंह, बेटी राजलक्ष्मी, राजीव तिवारी, अशोक कुमार और नीलमणि के साथ इस दुकान पर पहुंचे, जहां समय जैसे ठहर गया। उन्होंने बताया कि यहां का स्वाद, अपनापन और माहौल आज भी वैसा ही है जैसा तीन दशक पहले हुआ करता था।
उन्होंने अपने इस दौरे को यादगार बताते हुए IIT (ISM) धनबाद की विरासत और वहां बिताए गए दिनों को जीवनभर संजोने वाली यादें कहा।
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