युवा पत्रकार राकेश कश्यप नहीं रहे

-शेख़ परवेज़ आलम-

सहारनपुर। मीडिया एसोशिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले राकेश कश्यप दुनिया को अलविदा कह गए। राकेश कश्यप खुशमिजाज, हंसमुख और मिलनसार शख्स थे। वे पत्रकारों की समस्याओं के प्रति गम्भीर रहते थे।

राकेश कश्यप जनपद सहारनपुर के ब्लॉक पुंवारका क्षेत्र के गांव चक हरेटी के रहने वाले थे। ब्लॉक स्तर से ही उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की थी। राकेश कश्यप दैनिक जागरण, अमर उजाला सहित कई राष्ट्रीय समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल फ़िलहाल वे मेरठ से प्रकाशित दैनिक जनवाणी में बतौर संवाददाता काम कर रहे थे।

rakesh kashyap

राकेश कश्यप चूंकि ग्रामीण क्षेत्र से आते थे, इसलिए उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों के सामने आने वाली समस्याओं की भली भांति जानकारी थी। पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए उन्होंने “मीडिया एसोसिएशन” नाम का संगठन खड़ा किया। संगठन के साथियों के साथ राकेश कश्यप समय-समय पर पत्रकारों को सुविधाएं दिए जाने की मांग तो करते ही रहते थे, साथ ही किसी भी पत्रकार के साथ कोई घटना हो जाने पर वे उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो जाते थे।

मंगलवार की सुबह मीडिया एसोशिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कश्यप का अंतिम संस्कार किया गया जिसमें जिलेभर के पत्रकारों सहित सामाजिक व राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए।

बेहट में आयोजित शोकसभा में हरिओम शर्मा, धर्मेंद्र सैनी, विनोद कुमार, संजय सैनी, एसएम हुसैन ज़ैदी, इकबाल खान, मारूफ मिर्ज़ा, शैंकी अरोड़ा, खुर्शीद आलम, सत्तार शेख़, डॉक्टर मरगुबुलहक़, कलीम अख्तर, अशोक सैनी, मुकेश गुप्ता, अखिलेश कौशिक, तबरेज मलिक, विनोद सैनी, शौकीन अहमद, उस्मान अहमद, सद्दाम हुसैन, अरविंद गोयल, सोमपाल कश्यप, नरेंद्र कंबोज, अवनीश काम्बोज, सुखदेव काम्बोज आदि ने राकेश कश्यप की मृत्यु पर शोक जताया है।

शेख़ परवेज़ आलम की रिपोर्ट.

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