
अभिषेक उपाध्याय-
योगी जी की पुलिस ने अमिताभ ठाकुर पर एक औद्योगिक प्लॉट के मामले में इतना बड़ा एक्शन लिया, पर अपने कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के नाम फतेहपुर में आवंटित 72 औद्योगिक प्लॉट के मामले में क्या किया?
वहां तो इन 72 औद्योगिक प्लॉट के मामले में ऑन रिकार्ड अनियमितता पकड़ी गई थी। लीजिए, आपकी याददाश्त की दुरूस्तगी के लिए मैं उस दौर के मीडिया कवरेज की कटिंग भी अटैच किए दे रहा हूं।
फिर से पढ़ लीजिए। वहां तो आपने 5 अफसरों पर कार्यवाही की तलवार गिराई। मंत्री जी के माथे पर एक शिकन भी न आई?
फिर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ इतनी प्रचंड कार्यवाही क्यों? क्या इसलिए कि वे आपके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए थे? क्या इसलिए कि उत्तर प्रदेश में जनता की चुनी हुई नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति विशेष की सरकार चल रही है?
कि आपके खिलाफ कुछ लिखना, बोलना उसी तरह अपराध है, जैसे इंग्लैड के राजा जेम्स प्रथम और फ्रांस के राजा लुई सोलहवें के शासनकाल में ‘राजत्व के दैवी सिद्धांत’ की अवमानना करना था?
उस दौर में राजा को ईश्वर का अवतार माना जाता था। क्या वही दौर फिर लौट आया है? आपको भी मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर में ‘ईश्वर’ की ही संज्ञा दी गई है। तो क्या हम सब ये मान लें कि आप ईश्वर हैं और आपके खिलाफ बोलना भी ईश्वरीय आदेश की अवमानना करना है?
अगर वाकई ऐसा है तो स्वतंत्र देव सिंह से कहकर जलशक्ति मंत्रालय मे एक ऐसा शासनादेश निकलवा दीजिए, जिसमें ‘हर जल नल योजना’ के तहत एक बूंद भी पानी पीने से पहले, शीश झुकाकर आपके नाम का उच्चारण करना जिंदगी के लिए एक अनिवार्य शर्त घोषित कर दी जाए।
मनीष दुबे-
यूपी पुलिस ने अमिताभ ठाकुर पर इस कदर एक्शन लिया मानों वह पूर्व आईपीएस न होकर कोई बड़े आतंकी हों। जबकि इसी भाजपा की छतरी के नीचे एक से एक घाघ नेता छुपे बैठे हैं, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता।
ताजा मामला कानपुर के रहने वाले पूर्व राज्य मंत्री सतीश पाल का देखिए। बसपा सरकार में पूर्व राज्यमंत्री थे। सरकार बदली तो अब भाजपा में घुस गए।
पिछले दिनों इन महाशय ने एक जमीन बेचने के नाम पर 45 लाख रुपये उगाह लिए। जमीन लफड़े की थी। पीड़ित ने जब विरोध किया तो पूर्व मंत्रीजी ने अपने गुर्गों के साथ पीड़ित को अपने प्लॉट में बांधकर कुटवाया।

मामले में नजदीकी बर्रा थाने में मुकदमा भी दर्ज है। पर मजाल है कोई चूँ तक कर जाए। सत्ता को तो बस वही खटकते हैं जो इनकी आंख में आंख डालकर जनता के हक का सवाल भर कर दें।
पुलिस द्वारा जारी बयान पढ़ें…
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी पर लखनऊ पुलिस का बयान पढ़ें!


