ग्रेटर नोएडा। गैंगस्टर रवि काना की तलाश में एक दर्जन जिलों की पुलिस जुट गई है। नेपाल से सटे जिलों की पुलिस को विशेष अलर्ट पर रखा गया है। कोर्ट ने रवि काना के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि नोएडा से बाहर निकलने के बाद रवि काना नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया है।
नोएडा पुलिस के साथ-साथ लखनऊ, गोरखपुर, महाराजगंज सहित करीब 12 जिलों की पुलिस रवि काना की तलाश में लगी हुई है। नोएडा पुलिस का दावा है कि आरोपी स्थानीय स्तर पर लीज कारोबारी के तौर पर पंजीकृत था, लेकिन जांच में उसके खिलाफ स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध गतिविधियों के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना एक बड़े गैंग के सरगना के रूप में दर्ज है, जो लंबे समय से संगठित अपराध चला रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि रवि काना का नेटवर्क नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, फर्रुखाबाद और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैला हुआ था। गैंग के खिलाफ स्क्रैप, चोरी, जबरन वसूली, रंगदारी, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में कुल 29 मुकदमे दर्ज हैं।
विशाल त्रिपाठी-
उत्तर प्रदेश की बांदा जेल के कारापाल विक्रम सिंह यादव सस्पेंड किए गए। आरोप है कि उन्होंने नोएडा के कुख्यात क्रिमिनल रवि काना को जेल से रिहा कर दिया, जबकि नोएडा कोर्ट ने उसे B वारंट पर तलब कर रखा था।
बांदा जेल प्रशासन का कहना है कि रवि काना की रिहाई शाम 6.39 बजे हो गई थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ था।
रवि काना नोएडा का बड़ा स्क्रैप माफिया है। नोएडा की ज्यादातर फैक्ट्रियों से करोड़ों–करोड़ों रुपये का स्क्रैप गुंडई के दम पर कौड़ियों के भाव में खरीदता है।
आशीष सागर दीक्षित-
कुख्यात अपराधी रवि काना स्क्रैप माफिया की रिहाई मे उलझे बांदा जेलर….?
गाजियाबाद / बांदा। गौतमबुद्ध नगर की सीजेएम कोर्ट ने गैंगस्टर रवि नागर उर्फ रवि काना के विरुद्ध बी वारंट होने के बावजूद बांदा जेल से आरोपी की रिहाई होने पर जेल अधीक्षक से जवाब तलब कर लिया है। सीजेएम कोर्ट गौतमबुद्ध नगर कोर्ट ने इसको गंभीर अपराध मानते हुए आगामी 6 फरवरी तक स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्यों न आरोपी के जेल कस्टडी से भागने के विषयक उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए।
उल्लेखनीय है यह पूरा मामला थाना सेक्टर 63 नोएडा से ताल्लुक़ रखता है। जहां रवि नागर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5), 351(2), 3(5) पर आरोपी रविंद्र सिंह उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना को नामजद किया था। उक्त मुल्जिम अन्य मामलों में बांदा जेल में बंद था। वहीं इस केस में बी डब्ल्यू वारंट जारी करके कोर्ट ने तलब किया था। साथ ही आईओ ने रिमांड प्रार्थना पत्र कोर्ट में डाला था।

इस मामले में न्यायालय आदेश अनुसार आरोपी की वीडियो कांफ्रेसिंग से पेशी 29 जनवरी गुरुवार को हुई थी। लेकिन उसी दिन देर शाम रिहा कर दिया गया। इस लापरवाही पर यह एक्शन हुआ है।


