नई दिल्ली : रिलायंस रिटेल लिमिटेड के ‘YOUSTA’ ब्रांड का नाम और पहचान गलत तरीके से इस्तेमाल करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने रोग वेबसाइट्स और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है।
लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की अदालत में रिलायंस रिटेल लिमिटेड (वादी) ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल डोमेन और व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल कर ‘YOUSTA’ ब्रांड की नकल कर रहे हैं। इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को झांसा देकर ठगा जा रहा है।
कैसे हो रही थी धोखाधड़ी?
रिलायंस ने अदालत को बताया कि उसने अगस्त 2023 में ‘YOUSTA’ ब्रांड को लॉन्च किया था, जो युवाओं के लिए एक प्रमुख फैशन ब्रांड बन चुका है। लेकिन कुछ धोखेबाजों ने इस ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर कई निर्दोष लोगों को ठगने का काम किया।
आरोपी फर्जी वेबसाइट ‘youstafranchise.net’ और अन्य माध्यमों से रिलायंस का नाम और ट्रेडमार्क इस्तेमाल कर रहे थे।
फर्जी ऑफर लेटर्स, जाली एग्रीमेंट्स, सोशल मीडिया पोस्ट्स, यूट्यूब वीडियो और व्हाट्सएप अकाउंट्स के जरिए ब्रांड का नाम इस्तेमाल किया जा रहा था।
एक पीड़ित को रिलायंस के कर्मचारी के रूप में किसी ने संपर्क कर 2.65 लाख रुपये ठग लिए और फिर संपर्क बंद कर दिया।
दूसरे पीड़ित से 1.73 लाख रुपये लिए गए और उसे फर्जी दस्तावेज दिए गए, जिनमें लिखा था कि उसका फ्रेंचाइज़ी आवेदन स्वीकार कर लिया गया है।
हाईकोर्ट का बड़ा आदेश- रिलायंस की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी का पक्ष “प्रथम दृष्टया” सही प्रतीत होता है और इस मामले में तत्काल रोक लगाना जरूरी है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि:
- फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स (Facebook, LinkedIn, WhatsApp) को तुरंत ब्लॉक किया जाए।
- धोखाधड़ी में शामिल बैंक खातों को फ्रीज किया जाए और आरोपियों की KYC जानकारी सार्वजनिक की जाए।
- दिल्ली पुलिस के साइबर सेल (IFSO/Special Cell) को जांच कर आरोपियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की है। इस दौरान आरोपी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया है।


