अजय शुक्ला-
लो भइय्या हम कह रहे थे कि सब मिला जुला खेल है… सुन लो विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर खुद ही मान रहे हैं कि कथित आतंकी ठिकानों पर हमले के पहले पाकिस्तान को यह सूचना दे दी गई थी कि भारतीय सेना कब और कहां हमला करेगी। यह भी बता दिया था कि हम सिर्फ आपके आतंकी शिविरों पर हमला करेंगे।
- क्या इससे यह नहीं पता चलता है कि सूचना को देने से असली आतंकी ठिकानों अलग शिफ्ट कर दिए गए होंगे।
- यह गंभीर विषय है इस बयान को गंभीरता से लेकर भारत को युद्ध में झोंकने का मुकदमा नरेंद्र मोदी सरकार पर नहीं चलना चाहिए।
अनुमा आचार्य-
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से पहले भारत ने पाकिस्तान को सूचित किया था कि हम पाकिस्तान के भीतर आतंकी ढांचे पर हमला करने जा रहे हैं। हमें उम्मीद थी कि वे (पाकिस्तान) समझेंगे, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई की।
आज तक देश के लोगों ने इतना अजीबो-गरीब बयान कभी न सुना है, न पढ़ा है, क्योंकि:
- पाकिस्तान को पहले ही ऐसा बोलकर विदेश मंत्री ने सबसे पहले तो भारतीय वायु सेना के अटैक के ‘सरप्राइज़ एलिमेंट’ की ही लंका लगा दी. शायद इसीलिए वैश्विक मीडिया बार बार हमारे राफ़ेल के गिरने की बात कह रहा है.
अगर विदेश मंत्री ख़ुद ही ये कबूल रहे हैं, तो उन पर देश की सेना के संभावित अटैक की सूचना पाकिस्तान को दे देने के कारण UAPA लगना चाहिए और तुरंत प्रभाव से पदमुक्त किया जाना चाहिए.
- ये भी निरी वाहियात सोच है कि भारत पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करेगा ये पाकिस्तान को बता कर हम उम्मीद करें कि वह चुप रहे!
- भारत पहले से पाकिस्तान को अपने ऑपरेशन की सूचना देता है — यानि पाकिस्तान एयर फोर्स को अलर्ट पर रहने की चेतावनी देता है (6/7 रात की एयर बैटल देखिए). ग़ज़ब बेवक़ूफ़ी है!
- पाकिस्तान को पहले से बताकर, भारत मानो यह कह रहा हो कि तुम जवाब मत देना — कोई भी गिरा हुआ या स्वाभिमानी राष्ट्र तक ऐसी बात स्वीकार नहीं करेगा.
- लगता है इस संवेदनशील अवसर पर की गयी इसी बेवक़ूफ़ी के कारण पाकिस्तान सभी वैश्विक राजधानियों को भारतीय हवाई हमले की जानकारी देता है — ताकि यह स्पष्ट कर सके कि उसे जवाबी कार्रवाई क्यों करनी पड़ी!
काश जयशंकर भारत की सुरक्षा और रक्षा नीति पर ऐसा बयान देकर देश की विदेश नीति के नाम पर लचर हो चुकी सोच को यूं उजागर न करते!
काश जयशंकर भारत की सुरक्षा और रक्षा नीति पर ऐसा बयान देकर देश की विदेश नीति के नाम पर लचर हो चुकी सोच को यूं उजागर न करते!
देश का दुर्भाग्य है कि हमारे विदेश मंत्री विदेश नीति का अर्थ पीएम मोदी के लिए अलग अलग देशों से उनके सम्मान दिलवाने की lobbying को और अपनी रील वायरल कराने के लिये अमेरिका में अकड़ कर ढीठता से बोले गए बयानों को ही समझते आये हैं. उनकी इस अपरिपक्वता ने ही देश की छवि नीची की है.
कमाल ये है कि इस उदाहरण के मद्देनज़र देश ने ये भी जान लिया जिसे कूटनीति की ज़रा भी समझ नहीं, उसे विदेश मंत्री बनाए रखना ही बीजेपी की मजबूरी बन गई है!!


अशोक कुमार पांडेय-
मुझे लगता है जयशंकर जी के बयान को ग़लत तरीक़े से समझा जा रहा है।
उन्होंने कहा- Clear Message
हमला सिर्फ़ आतंकी ठिकानों पर करना ही Clear Message था कि हम युद्ध नहीं चाहते, आपको सेना को नुक़सान नहीं पहुँचा रहे। हम सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे।
इसका यह मतलब निकालना कि हमले से पहले पाकिस्तान को बताया गया था, मेरे हिसाब से ठीक नहीं है।


