नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पत्रकार पलकी शर्मा के बीच हुए सवाल-जवाब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर कई लोगों ने विदेश मंत्री के जवाब देने के तरीके की आलोचना की है और इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वीडियो में पत्रकार पलकी शर्मा ईरान से जुड़े एक जहाज के कथित डूबने और हिंद महासागर में भारत की भूमिका को लेकर सवाल पूछती हैं। इस पर विदेश मंत्री जयशंकर कहते हैं, “अगर आप मुझसे गंभीर सवाल पूछेंगी, तो मैं आपको गंभीर जवाब दूंगा।”
इसके जवाब में पत्रकार कहती हैं कि “अगर हिंद महासागर में भारत खुद को नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर कहता है, तो क्या यह गंभीर सवाल नहीं है?”
इस संवाद का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि विदेश मंत्री को ऐसे सवालों का स्पष्ट और विस्तार से जवाब देना चाहिए था। वहीं कई आलोचकों ने इसे सरकार के प्रति असहज सवालों से बचने की कोशिश बताया।
कई यूजर्स ने तीखी टिप्पणी करते हुए यहां तक कहा कि अगर सरकार के मंत्री कठिन सवालों से ही असहज हो जाएं, तो यह उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
हालांकि सरकार या विदेश मंत्रालय की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अगर यहां कोई गैर-गंभीर दिख रहा है, तो वह भारत का विदेश मंत्री है। वह अक्सर ऐसा रवैया दिखाते हैं मानो व्यक्तिगत कटाक्ष और तीखापन उनकी पेशेवर अक्षमता को ढक सकता है। 1.4 अरब भारतीयों के लिए यह एक दुखद स्थिति है। -सुशांत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
रुचिरा चतुर्वेदी-
इससे पहले शायद ही कभी इतने खोखले शब्द बोले गए हों।
भारत कैसे आगे बढ़ेगा, जब मोदी सरकार अमेरिका के हाथों बार-बार हो रहे कथित अपमान के सामने खड़ी होने में असमर्थ दिखाई देती है? जब अमेरिका हमारी संप्रभुता पर हमला करता है और प्रधानमंत्री चुप रहते हैं? भारत कैसे आगे बढ़ेगा, जब आलोचकों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी भारत को अमेरिका की कॉलोनी में बदलते जा रहे हैं?
कोई यह नहीं कह रहा कि हिंद महासागर भारत का है। मुद्दा यह है कि जिस जहाज को हमने Milan 2026 के लिए आमंत्रित किया था, उसे अमेरिका द्वारा डुबोने की कथित हिम्मत दिखाना सवाल खड़ा करता है। श्री जयशंकर इस मुद्दे पर सीधे जवाब देने के बजाय बात को घुमा रहे हैं। -विनोद शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार



