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सहारा इंडिया स्कैम : 40 हजार करोड़ का फ्रॉड, 9 निदेशकों के पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग

जमशेदपुर | सहारा इंडिया के खिलाफ निवेशकों के धन की हेराफेरी को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। विश्व भारती जनसेना संस्थान के राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर सहारा इंडिया के नौ निदेशकों के पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग की है ताकि वे विदेश न भाग सकें।

40 हजार करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि नहीं लौटाई

ज्ञापन के अनुसार, झारखंड के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में सहारा इंडिया को निवेशकों के 40 करोड़ रुपये लौटाने हैं। इसके अलावा, एक करोड़ से अधिक निवेशकों की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि हड़पने की भी प्राथमिकी दर्ज है।

सहारा इंडिया के खिलाफ चल रहे जांच और बढ़ते कानूनी शिकंजे के कारण इसके अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। संस्थान के चेयरमैन सुब्रत राय के निधन के बावजूद उनके दोनों पुत्र विदेश में हैं और अब तक भारत नहीं लौटे हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अन्य आरोपी अधिकारी भी विदेश फरार हो सकते हैं।

DGP की बैठक में 15 दिन का अल्टीमेटम

24 जनवरी को झारखंड के DGP अनुराग गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सहारा इंडिया के अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर निवेशकों का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। ऐसा न करने पर सभी निदेशकों की गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई थी।

सहारा इंडिया घोटाले में जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • स्वप्न राय (वाइस चेयरमैन)
  • जयब्रत राय (डिप्टी चेयरमैन)
  • सुशांतो राय (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर)
  • सिमांतो राय (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर)
  • ओमप्रकाश श्रीवास्तव (डिप्टी मैनेजिंग वर्कर)
  • देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव (सहारा इंडिया को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैन)
  • नीरज कुमार पाल (रांची परिक्षेत्र प्रमुख व निदेशक)
  • सुंदर झा (पूर्व जोनल मैनेजर)
  • संजीव कुमार (जोनल मैनेजर, रांची)

क्राइम ब्रांच की नोटिस के बावजूद अधिकारी नहीं पहुंचे

रांची क्राइम ब्रांच ने 31 जनवरी को सहारा इंडिया के दो अधिकारियों— नीरज कुमार पाल और शैलेंद्र शुक्ला को पूछताछ के लिए बुलाया था। शैलेंद्र शुक्ला रांची पहुंचे, लेकिन नीरज पाल ने क्राइम ब्रांच को पत्र लिखकर मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय की मांग की।

सहारा इंडिया घोटाले का बैकग्राउंड

यह घोटाला 2009 में उजागर हुआ, जब सहारा इंडिया ने निवेशकों को शेयरों में निवेश के नाम पर भ्रामक व झूठे दावे कर पैसे इकट्ठा किए। निवेशकों को उच्च रिटर्न का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनकी राशि का दुरुपयोग कर दिया गया।

लाखों निवेशकों के पैसे डूबने के कारण यह भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बन गया है। अब सरकार और जांच एजेंसियां सख्त कार्रवाई के मूड में हैं।

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1 Comment

1 Comment

  1. Armando fernandes Goa

    February 5, 2025 at 8:47 pm

    myself Armando Fernandes from ponda , Goa. I was working in Sahara as a moderator under me more than Hundred customers had invested more than one crore of rupees under different plans n different terms. Myself deposited more than forty lakhs it’s my whole life savings now I am living a life of a beggar.please do the needful at the earliest

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