सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लगभग एक मिनट की अवधि का एक वीडियो वायरल हो रहा है। एबीपी न्यूज़ की इस वीडियो क्लिप में एक तरफ वरिष्ठ पत्रकार एंकर संदीप चौधरी हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के राकेश सिन्हा। राकेश सिन्हा संदाप चौधरी से कहते हैं, “मोहन भागवत हमारे आपके अभिभावक हैं।” इस पर संदीप भड़क जाते हैं।
संदीप कहते हैं, “मेरे नहीं हैं अभिभावक।” जिसके बाद सिन्हा कहते हैं- “अरे मान लीजिए, वह हैं।”
संदीप जवाब देते हैं- “नहीं मैं नहीं मानता उन्हें अभिभावक। आपके होंगे। मेरे अपने मां-बाप जिंदा हैं। मेरे अभिभावक क्यों होंगे भागवत।”
आप भी देखें मानसिकता थोपने वाला यह दिलचस्प वीडियो….
इस वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार लिखते हैं-
ये तो वही बात हो गई मान न मान मैं तेरा बाप। अरे तुम भागवत को ख़ुदा मानो, संघ को अपना परिवार मानो तुम्हारी मर्ज़ी। किसी और पर क्यों थोप रहे हो…
न मोदी, न भागवत कोई इस देश का अभिभावक नहीं है और न ही ये देश संघ परिवार का हिस्सा है। ये घालमेल मत कीजिए सिन्हा जी।
दरअसल, सिन्हा जी सोच रहे थे कि गोदी मीडिया के किसी ऐंकर में इतनी हिम्मत कहाँ से आएगी कि भागवत और संघ को सीधे-सीधे ठुकरा दे। वे ये मानकर चल रहे थे कि ऐंकर स्वीकार नहीं करेगा तो कम से कम चुप तो हो ही जाएगा।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गोदी मीडिया में इक्का-दुक्का ऐंकर बचे हुए हैं जो इस चालबाज़ी में नहीं आते और ऐसा करने वालों को उठाकर पटक देते हैं।
संदीप चौधरी ने बहुत ज़रूरी काम किया है। अगर वे चुप रह जाते तो सिन्हा टाइप लोग हर ऐंकर को ज़बरन संघ परिवार का सदस्य बना देते और उन्हें बाध्य कर देते कि वे भागवत मोदी को अपना पापा मान लें।
भागवत हों या मोदी, दोनों इस लायक नहीं हैं कि इस देश के अभिभावक बन सकें। दोनों के चाल-चरित्र और विचार जन विरोधी हैं, मानवता विरोधी हैं। कोई अंधभक्त और महामूर्ख ही उन्हें पिता के रूप में स्वीकार करेगा। और संघ परिवार में शामिल होना तो पैर में नहीं गले में कुल्हाड़ी मारना जैसा है।
कौन हैं राकेश सिन्हा?
राकेश सिन्हा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक थिंक टैंक सदस्य हैं और उन्हें 2018 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था. वह एक भाजपा सदस्य भी हैं और वे आरएसएस के संस्थापक, डॉ. केबी हेडगेवार, की जीवनी भी लिख चुके हैं।
कौन माई का लाल है आज के दौर में जो एक न्यूज चेनल की नौकरी करते हुए नेशनल टीवी पर ये कह देगा कि” मोहन भागवत तुम्हारा अभिभावक होगा” मेरा नहीं है! मेरे मां बाप अभी जिंदा है! संघी राकेश सिन्हा बातों बातों में मोहन भागवत को सारे हिन्दुओं का अभिभावक बता रहा था! संदीप चौधरी ने जो लताड़ा है कि मिसाल बना दी… संघी सिन्हा वो, मैं, देखिए, सुनिए करता रह गया! इन लोगों को ऐसे ही औकात दिखाई जाने की जरूरत है और उसके लिए सीधी रीढ़ लगती हैं! शानदार संदीप चौधरी!
-दीपक शर्मा


