लखनऊ, 4 अप्रैल 2026। क्रिकेट पत्रकारिता जगत के लिए शनिवार की सुबह एक दुखद खबर लेकर आई, जब वरिष्ठ क्रिकेट पत्रकार Santosh Suri का निधन हो गया। वे लंबे समय से क्रिकेट रिपोर्टिंग से जुड़े थे और खासतौर पर छोटे शहरों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जाने जाते थे।
जानकारी के मुताबिक, उनका निधन सुबह लखनऊ में हुआ। उनके जाने की खबर फैलते ही क्रिकेट जगत और पत्रकार बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उनके सहयोगियों, खिलाड़ियों और साथी पत्रकारों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
संतोष सूरी की पहचान एक सौम्य, सहज और हमेशा मुस्कुराने वाले पत्रकार के रूप में रही। क्रिकेट प्रेस बॉक्स में उनकी मौजूदगी को साथी पत्रकार एक सकारात्मक ऊर्जा के रूप में याद करते हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को बेहद करीब से कवर किया और अपने काम के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित रहे।
खास बात यह रही कि उन्होंने बड़े सितारों के साथ-साथ छोटे शहरों के उभरते क्रिकेटरों की कहानियों को भी मुख्यधारा में जगह दिलाई, जो उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
उनके सहयोगियों ने उन्हें एक “gentle” और सरल इंसान बताते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह निभाया।
संतोष सूरी के निधन को क्रिकेट पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।
सुबोध शुक्ला-
एक मुस्कुराहट भरे संजीदा चेहरे के साथ ग्रीनपार्क में आपका स्वागत ऐसे हो तो यकीनन संतोष भाई ही होंगे…हर बार मैच में उनके साथ मिलना आनंद दायक होता था।
लखनऊ टाइम्स आफ इंडिया से जुड़े वरिष्ठ खेल पत्रकार संतोष सूरी नहीं रहे… दर्जनों अंतरराष्ट्रीय मैच, रणजी मैच की कवरेज के दौरान उनका साथ मिला है। बहुत कुछ सीखा, शानदार समय व्यतीत किया। स्तब्ध करने वाली खबर है…. ईश्वर संतोष भाई को अपनी शरण में ले।
अमोल करहदकर-

“अभी कल ही मिड-डे में संतोष सूरी सर का ऋषभ पंत पर लिखा विश्लेषण पढ़ा—वे उन चुनिंदा पत्रकारों में थे जिन्होंने छोटे शहरों के क्रिकेटरों की कहानियों को मुख्यधारा तक पहुंचाया और प्रेस बॉक्स में अपनी बेहद सौम्य मौजूदगी के लिए जाने जाते थे।
और अब यह खबर मिली कि सूरी सर नहीं रहे…आपकी यात्रा शुभ हो सर, और धन्यवाद…!”
देश के जाने माने खेल पत्रकार और टाइम्स ऑफ़ इंडिया के स्पोर्ट्स एडिटर रहे संतोष सूरी हमारे बीच नहीं रहे…-अनंत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार



