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सुख-दुख

मुख कैंसर के थर्ड स्टेज से जूझ रहे हैं बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी के पत्रकार सत्येंद्र प्रताप सिंह, परसों होगा आपरेशन

सत्येंद्र प्रताप सिंह


मीडिया के अपने कई साथी चुपचाप अपनी मुश्किलों-बीमारियों को झेलते रहते हैं. वे इतने संकोची भी होते हैं कि उनकी दिक्कतों के बारे में उनके करीबी साथियों को भी पता नहीं चल पाता. बिजनेस स्टैंडर्ड, दिल्ली के मुख्य उप संपादक सत्येंद्र प्रताप सिंह का परसों यानि बृहस्पतिवार को मुख कैंसर का आपरेशन राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर रोहिणी 5, दिल्ली में आपरेशन होगा. सत्येंद्र के परिचति Sandeep Kumar फेसबुक पर एक संक्षिप्त अपील लिखते हैं, कुछ लोगों को टैग करके, ताकि सत्येंद्र जी की मुश्किल में लोग उनके साथ खड़े हो सकें. अपील इस प्रकार है-

सत्येंद्र प्रताप सिंह


मीडिया के अपने कई साथी चुपचाप अपनी मुश्किलों-बीमारियों को झेलते रहते हैं. वे इतने संकोची भी होते हैं कि उनकी दिक्कतों के बारे में उनके करीबी साथियों को भी पता नहीं चल पाता. बिजनेस स्टैंडर्ड, दिल्ली के मुख्य उप संपादक सत्येंद्र प्रताप सिंह का परसों यानि बृहस्पतिवार को मुख कैंसर का आपरेशन राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर रोहिणी 5, दिल्ली में आपरेशन होगा. सत्येंद्र के परिचति Sandeep Kumar फेसबुक पर एक संक्षिप्त अपील लिखते हैं, कुछ लोगों को टैग करके, ताकि सत्येंद्र जी की मुश्किल में लोग उनके साथ खड़े हो सकें. अपील इस प्रकार है-

मित्रों, मेरे सहकर्मी और प्रिय मित्र Satyendra P Singh सहृदय के साथ-साथ निहायत संकोची भी हैं. शायद इसीलिए विस्तार से कुछ बता-लिख नहीं रहे हैं. सच यह है कि सत्येंद्र भाई मुख कैंसर से जूझ रहे हैं. तीसरी अवस्था है और परसों यानी गुरुवार को ऑपरेशन होना है. जाहिर है बड़ी धनराशि की आवश्यकता होगी. कुछ प्रिय मित्रों को टैग कर रहा हूं ताकि चर्चा कर सकें कि हम कैसे सत्येंद्र भाई के काम आ सकते हैं.

सत्येंद्र प्रताप सिंह ने खुद की मनःस्थिति और अवस्था को लेकर एक प्रतीकात्मक स्टेटस अपने वॉल पर डाला है, जो उनके मजबूत आत्मविश्वास को दर्शाता है, साथ ही यह भी बताता है कि कैसे जीवन में कुछ भी अचानक हो जाया करता है.  भाई Satyendra P Singh लिखते हैं-

आख़िरकार वही हुआ जिससे सबसे ज्यादा डरते थे। टीचर बनने से एलर्जी हुई तो बी एड किये। पत्रकार बनने की कभी नहीं इच्छा हुई तो पत्रकार बने। जिस बिमारी से सबसे ज्यादा डरते थे वो बीमारी हुई। वो भी ऐसे वक्त में!!! लेकिन एक अनुभव ये भी रहा कि जो मेरी जिन्दगी में अपने से होता गया, अच्छा ही हुआ। कल तक आफिस गया, कल से अस्पताल में। परसों आपरेशन! — at Rajiv Gandhi Cancer Institute & Research Centre, Rohini 5, New Delhi

वैशाली (गाजियाबाद) में रह रहे सत्येंद्र कल अस्पताल में भर्ती होंगे और परसों उनका आपरेशन होगा.

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1 Comment

1 Comment

  1. ALOK VERMA

    August 26, 2014 at 9:06 pm

    आप बहुत मज़बूत हैं। हमलोग आपके साथ हैं। अगर आपके किसी उपयोग में आ सका तो धन्य समझूंगा। गाँधी जी और महक बिटिया का ध्यान धरें। साडी बला छितरा जाएगी। जल्दी ठीक होवें।

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