कुमार सौवीर विस्तार से बता रहे हैं कि जयपुर में हेमंत तिवारी के साथ हुआ क्या था

अपना ही कीर्तिमान तोड़ दिया हेमन्त तिवारी ने, इस बार जयपुर के पिंक-सिटी प्रेस क्लब में कूटे गये : बिना इजाजत के लिए घुस गये जयपुर के प्रतिष्ठित प्रेस क्लब में : मना करने के बावजूद देर रात तक दारू पीकर किया खूब हंगामा, दी गालियां : मना करने पर की नंगी गालियों की बौछार, नहीं माने तो लोगों ने कर दी कुटम्मस : कल्याण सिंह से अपने अधिवेशन से समय न मिल पाने से खीझे थे हेमन्त :

कुमार सौवीर

लखनऊ : लखनऊ में दूसरी किस्म की पत्रकारिता के लिए खासे मशहूर हेमन्त तिवारी ने पिछले दिनों अपना ही एक नया रिकार्ड बना लिया। अपने पुराने कीर्तिमानों से ध्वस्त करते आमादा हेमन्त तिवारी ने अपना यह नया रिकार्ड जयपुर प्रेस क्लब में बनाया। नतीजा, यह कि उनकी हरकतों से आजिज पत्रकारों ने उन्हें वहां जमकर कूट दिया। खबर है कि हालातों की नजाकत को देखते हुए हेमन्त तिवारी मौके से भाग निकले। जयपुर प्रेस क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी बाबूलाल जी ने इस घटना की पुष्टि की है, लेकिन बताया है कि यह पिटाई जमकर नहीं, बल्कि हल्की-फुल्की ही हुई थी। हां, उन्होंने स्वीकार किया है कि अगर हेमन्त तिवारी मौके से फौरन न भाग निकलते तो उनकी जमकर पिटाई जरूर हो जाती।

खैर, सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों हेमन्त तिवारी और उनके एक अन्य‍ साथी जयपुर प्रेस क्लब में गये थे। वक्त था रात करीब 9 बजे का। जयपुर प्रेस क्लब के नियमों के अनुसार प्रेस क्लब में केवल वही लोग प्रवेश हासिल कर सकते हैं जो प्रेस क्लब के सदस्य हों। हां, अगर कोई सदस्य अपने किसी सदस्य को अपने साथ प्रेस क्लब में ले जाना चाहता है तो प्रेस क्लब प्रशासन से इसके लिए गेस्ट कार्ड जारी कराना अनिवार्य होता है। हालांकि इसके लिए कोई विशेष शुल्क नहीं लिया जाता है, लेकिन ऐसी व्यवस्था इसलिए की गयी है ताकि कोई अराजक व्यक्ति या समूह प्रेस क्लब की मर्यादा न तोड़ सके।

लेकिन उस रात हेमन्त और उनके एक साथी प्रेस क्लब में एक अन्य‍ सदस्य के साथ प्रेस क्‍लब भीतर चले गये। करीब पांच मिनट तक हेमन्त‍ ने अपने जयपुर आने का मकसद अपने साथियों को बताया। सूत्रों के अनुसार हेमन्त तिवारी चाहते थे कि राजस्थान के राज्यपाल और बड़े भाजपा नेता रहे कल्याण सिंह से अपने किसी तथाकथित प्रेस यूनियन की बैठक के लिए समय ले लें। लेकिन सूत्र बताते हैं कि कल्याण सिंह ने इस बारे में दो-टूक जवाब दे दिया। बताते हैं कि कल्‍याण सिंह ने साफ कह दिया कि पत्रकारों की मान्य यूनियनों के अलावा वे किसी ऐसे-वैसे गुट से अपना रिश्ता नहीं रखना चाहते हैं।

बहरहाल, अपने इस प्रयास की हार देखते ही हेमन्त तिवारी और उनके साथी अपना गम गलत करने के लिए जयपुर पिंक प्रेस क्लब में गैरकानूनी तौर पर घुस गये। हेमन्त और उनके साथी के इस प्रवेश पर प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों ने केवल पूछताछ की, लेकिन जब पता चला कि हेमन्त लखनऊ के रहने वाले हैं तो उन्होंने कोई खास ऐतराज नहीं किया। हां, इतनी चेतावनी जरूर दे दी कि आइंदा बिना गेस्ट-कार्ड हासिल किये वे क्लब में प्रवेश नहीं करें। बस, इसी बात पर हेमन्त का मूड खराब हो गया। बताते हैं कि कुछ देर वे चुपके से क्लब के बार में घुस गये, और वहां दनादन पेग पर पेग चढ़ाने लगे। प्रेस क्लब के एक पदाधिकारी बाबू लाल का कहना है कि हेमन्त ने राजस्थान, जयपुर प्रेसक्लब, राज्यपाल कल्याण सिंह और वहां के पत्रकारों को भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया।

इस पर वहां मौजूद कई पत्रकारों ने इस पर सख्त ऐतराज किया, लेकिन हेमन्त बहुत ज्या़दा टल्ली हो चुके थे। उन्होंने अपनी गालियों की धार और तेज की, और ऐलान किया कि लखनऊ आने पर किसी भी राजस्थानी पत्रकार की ऐसी की तैसी कर दी जाएगी। इसी बात पर बात और बिगड़ गयी। कई लोगों ने उन्हें बाकायदा और अन-सिस्टमेटिकली पीट दिया।

इसकी बात की खबर यह है कि खुद को ज्यादा पिटने की आशंका से हेमन्त का नशा टूट गया और वे भयभीत होकर मौके से भाग खड़े हुए। राजस्थान श्रमजीवी  पत्रकार संघ के अध्यक्ष जगदीश जैमान ने इस बारे में बताया है कि कल रात पिंक सिटी प्रेस क्लब में हमारे एक सदस्य साथी के साथ श्री हेमंत तिवारी (उत्तर प्रदेश) तथा उनके साथ बैठे लोगों ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जिस पर गौतम जी (+91 98-29-921411) एवं अन्य साथियों ने वहां पहुंच कर तुरंत करारा जवाब दिया। अपने को घिरा देख हेमंत और उसके साथी चोरों की तरह भाग निकले, अन्यथा उनका बुरा हश्र होता। क्या इस तरह की हरकतें उन्हें शोभा देती है? कभी सुनामी शोर, कभी अनुज पूर्व साथी सदस्यों के साथ इस तरह का व्यवहार, आखिर इनकी हताशा इन्हें किस ओर ले जायेगी?

ज्ञातव्य है कि हेमन्त तिवारी इसके पहले भी कई बार सरेआम पिट चुके हैं। ताजा हादसा तो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक जैन धर्मशाला में हुआ जब जैन-समारोह पर्यूषण के दौरान उन्होंने वहां शराब पी कर हंगामा किया और वहां मुर्गों की हड्डियां फेंकी थीं। इसके बाद बस्तर की ओर बढ़ते हुए उन्होंने और उनके साथियों ने अनेक वरिष्ठतम पत्रकार साथियों के साथ अभद्रता, हाथापाई और गालियां दीं। इस हादसे में जैन धर्मशाला ने उन पर पचास हजार रूपयों का जुर्माना और आइंदा प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। इसके पहले भी लखनऊ के जागरण चौराहे पर भी शराब के नशे में हंगामा करने में हेमंत पिट चुके हैं।

लेखक कुमार सौवीर लखनऊ के वरिष्ठ और बेबाक पत्रकार हैं.

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