सरकार बनी नहीं, हेमंत तिवारी मुख्य सचिव और डीजीपी बनवाने में जुट गया!

कुमार सौवीर

सरकार कहीं नही, पत्रकार लपके अफसरों की सेटिंग कराने… बेहद गहरी और अथाह कथा है सेटिंगबाज पत्रकारों की… मुख्‍यमंत्री कौन बनेगा, इसका पता भाजपा को भी नहीं मगर मुख्‍य-सचिव और डीजीपी के लिए लामबन्‍दी स्‍टार्ट… मुख्‍यसचिव के लिए संजय अग्रवाल और डीजीपी के लिए सुलखान सिंह के लिए पेशबंदी शुरू…

लखनऊ के किस पत्रकार ने पोस्टिंग कराने के नाम पर पांच लाख रुपये हड़प लिया?

Anoop Gupta : राजधानी लखनऊ का एक बहुत बड़ा पत्रकार कौन है जो बटलर पैलेस में रहता है और मायावती सरकार के दौरान हेल्थ मिनिस्टर अंटू मिश्रा से अपनी निकटता बताते हुए दो सीएमओ की पोस्टिंग कराने के लिए 5 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे लेकिन काम नहीं हुआ. अब इन बड़े पत्रकार जी की नैतिकता देखिये कि काम ना होने पर भी आज तक 5 लाख रुपये वापिस नहीं किए. हमारा सभी बड़े पत्रकार भाइयों से अनुरोध है कि आप सभी लोग अनुमान लगाएं कि ये साहब कौन हैं, नहीं तो मजबूर होकर ‘दृष्टान्त’ को ही ये जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी.

कुमार सौवीर विस्तार से बता रहे हैं कि जयपुर में हेमंत तिवारी के साथ हुआ क्या था

अपना ही कीर्तिमान तोड़ दिया हेमन्त तिवारी ने, इस बार जयपुर के पिंक-सिटी प्रेस क्लब में कूटे गये : बिना इजाजत के लिए घुस गये जयपुर के प्रतिष्ठित प्रेस क्लब में : मना करने के बावजूद देर रात तक दारू पीकर किया खूब हंगामा, दी गालियां : मना करने पर की नंगी गालियों की बौछार, नहीं माने तो लोगों ने कर दी कुटम्मस : कल्याण सिंह से अपने अधिवेशन से समय न मिल पाने से खीझे थे हेमन्त :

कुमार सौवीर

हेमंत तिवारी के साथ उस रात पिंक सिटी प्रेस क्लब में हुआ क्या था?

सत्ताधारियों से चिपकने और आम पत्रकारों को झिड़कने के लिए कुख्यात लखनवी पत्रकार हेमंत तिवारी को लेकर एक ह्वाट्सएप मैसेज तेजी से घूम रहा है. इसमें जो लिखा है आप पढ़िए और पता करिए कि उस रात वाकई हुआ क्या था… हालांकि ऐसी हरकतें और घटनाएं हेमंत के लिए आम है….

राव साहब का बेटा संगठन के किसी भी पद पर न होने के बाद भी इसे अपनी जागीर की तरह समझता है

सुप्रभात मित्रों

कल पूरा दिन बस्तर क्षेत्र मे रहे जहां मोबाइल नेटवर्क लगभग शून्य था। इस वजह से सम्पर्क हीन रहे। परसों रात एक गेस्ट हाउस में के. विक्रम राव से मेरी कहासुनी हो गई। बात समिति के चुनाव में वोट देने के लिए नहीं आने पर शुरू हुई थी और मैंने कहा कि आप और आपके बेटे ने अवैध समिति का साथ दिया। राव को पता था कि सोमवार को होनेवाली कार्य समिति की बैठक में मैं फेडरेशन में उनकी धांधली का खुलासा करने वाला हूं और कई प्रमुख पदाधिकारी मेरे साथ हैं तो उसने रायपुर की निरंजन धर्मशाला में शराब की बोतलें मिलने का विषय छेड़ दिया।

आईएफडब्‍ल्‍यूजे के नेताओं ने किया रायपुर में नंगा नाच, हेमन्‍त और कलहंस की करतूत से पत्रकार समुदाय शर्मसार

: जैनी धर्मशाला में पर्यूषण के दौरान हड्डियां और बोतलों के साथ हंगामा : यह आपके अध्‍यक्ष महोदय हैं। उप्र मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार समिति के। ये समिति के ठेकेदार हैं और पुलिस में उनकी दलाली बेहिसाब है। इसलिए जितना भी कुकर्म कर सकते हैं, कर लेते हैं। नाम है हेमन्‍त तिवारी। फिलहाल तो उनके चेहरे पर कुकर्म एक नया काला धब्‍बा जुड़ गया है। ताजी सूचना ये है कि छत्‍तीसगढ़ के रायपुर में जैन समुदाय की निरंजनी धर्मशाला ने हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस आदि अराजक पत्रकारों की करतूत पर खफा होकर 50 हजार रुपयों का जुर्माना लगाने की धमकी दी लेकिन बीच-बचाव कर मामला निपटा दिया गया। इन पत्रकारों पर आरोप है कि उन्‍होंने जैन समुदाय के पर्युषण अवसर पर जैन समुदाय की निरंजनी धर्मशाला के चार कक्षों में जमकर मदिरा और मांसाहार किया।

UPSACC : रात भर चली मतगणना, आज सुबह आया रिजल्ट, प्राशु मिश्रा अध्यक्ष निर्वाचित (देखें लिस्ट)

उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता संवाददाता समिति का चुनाव हो गया. कल वोट पड़े और रात भर चली मतों की गिनती के बाद आज सुबह परिणाम घोषित कर दिया गया. राज्य मुख्यालय के 438 पत्रकारों ने अपने मतों का प्रयोग किया था. कल शाम से शुरू होकर आज सुबह 4 बजे तक चली मतगणना के बाद परिणाम आज सुबह घोषित हुआ. अध्यक्ष पद पर प्रांशु मिश्रा निर्वाचित घोषित किए गए हैं. नरेंद्र श्रीवास्तव और संजय शर्मा उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष बने हैं.

हिसाम सिद्दीकी का खुला पत्र : समिति पर हर हाल में कब्जा जमाए रखने की चाहत क्यों है?

उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के संगठन के चुनाव को लेकर सिरफुटव्वल जारी है. हेमंत तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस जैसे ब्रोकर्स से आम पत्रकारों में जबरदस्त नाराजगी है. लेकिन हेमंत व कलहंस हर हाल में इस संगठन पर फिर काबिज होना चाहते हैं क्योंकि इस संगठन के नेता के बतौर उन्हें सत्ता से गलबहियां-हथबहियां करने के मौके ढेर सारे मिलते रहते हैं. हेमंत और कलहंस की लाख कोशिशों के बावजूद चुनाव की गाड़ी डिरेल नहीं हुई है.

चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही हेमन्‍त-कलहंस की उछलकूद शुरू

Kumar Sauvir :  पहले दो महीने की मोहलत ली थी, अब बोले पांच को कराऊंगा चुनाव… मजाक बना दिया हेमन्‍त और कलहंस की जुगुलबंदी ने पत्रकरिता को… अभी दस दिन पहले ही हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस की साजिशों से ऊबे पत्रकारोें ने अवैध कार्यकारिणी की जगह नयी कमेटी के चुनाव के लिए चुनाव-कार्यक्रम का ऐलान कर दिया था। इस कार्यक्रम के तहत पिछले22 तारीख तक 60 से ज्‍यादा लोगों ने अपना नामांकन दर्ज कराया था जो अब तक का एक रिकार्ड है। इसके तहत सितम्‍बर की छह तारीख को नयी कमेटी के लिए मतदान शुरू होगा और उसी दिन चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी।

हेमंत तिवारी की इतनी बुरी हालत होगी, यह खुद हेमंत ने नहीं सोचा था

लखनऊ : हेमंत तिवारी की इतनी बुरी हालत होगी, यह खुद हेमंत ने नहीं सोचा था. लखनऊ के राज्य मान्यता समिति के चुनाव न करने के लिए परसों हेमंत ने जो साजिश की थी, कल उसकी धज्जियाँ उड़ गई. कल साठ लोगों ने अपना नामांकन कराया जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. 490 लोगों ने अपना नामांकन शुल्क 100 रुपया जमा कर दिया है. कल की घटना से हेमंत और उसके गुर्गों की बोलती बंद हो गई है. चुनाव 6 सितम्बर को होना है. पत्रकारों में हेमंत के लुच्चेपन को लेकर भारी गुस्सा है.

यूपी के मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की आम सभा में चुनाव समिति घोषित, वीर विक्रम बहादुर मिश्र मुख्य चुनाव अधिकारी

: उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की आम सभा में 300 से ज्यादा सदस्यों की शिरकत : उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की आम सभा की बैठक आज दिनांक 21 अगस्त, 2015  को विधान भवन प्रेस रुम में आहूत की गयी. बैठक में राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त 300 से अधिक संवाददाताओं में हिस्सा लिया. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने की जबकि संचालन सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने किया.

सब जानते हैं कलहंस का असली धंधा क्या है, उस कुमार सौवीर से तो बाद में निपट लूंगा : हेमंत तिवारी

 

: जो मनमर्जी और गुण्‍डागर्दी का कड़ा विरोध करे, वही सबसे बड़ा गुण्‍डा : मान्‍यताप्राप्‍त पत्रकार समिति में गुण्‍डागर्दी पर हेमन्‍त तिवारी की नई व्‍याख्‍या : 25 तक कोई फैसला नहीं हुआ तो 27 को होगी फैसलाकुन बैठक :

लखनऊ : हम आपको बताये दे रहे हैं वह फोन वार्ता का लब्‍बोलुआब, जो शरत प्रधान और हेमन्‍त तिवारी के बीच हुई थी। बातचीत का मकसद था उप्र मान्‍यताप्राप्‍त पत्रकार समिति का बरसों से लटका चुनाव और उस पर कुण्‍डली पर बैठे तथाकथित और खुद को दिग्‍गज कहलाते नहीं थकते पत्रकार। परसों शाम मुख्‍यमंत्री कार्यालय एनेक्‍सी वाले मीडिया सेंटर में शरत प्रधान ने वहां मौजूद पत्रकारों को उस बातचीत का मोटी-मोटा ब्‍योरा सुनाया।

के. विक्रम राव, हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस जैसों को दूर रखना अन्यथा पूरा मिशन तबाह कर देंगे

Kumar Sauvir : अखिलेश जी। मुझे अपनी मौत का मुआवजा एक कराेड़ से कम मंजूर नहीं… अपने मुआवजा सेटलमेंट के बंटवारे का पूरा प्‍लान तय कर लिया है मैंने…  पत्रकार-समिति के लोगों, 10-20 पेटी अलग ले लेना, पर मेरे हिसाब से नहीं… मैंने कर रखा है एक करोड़ मुआवजा के एक-एक पैसा का हिसाब प्‍लान… मेरी चमड़ी खिंचवाना व उसमें भूसा भरके मेरी प्रतिमा स्‍थापित कराना मित्रों…