अजय कुमार, लखनऊ
लखनऊ । अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर मध्या प्रदेश एवं प्रदेश में 603 दिनों से चल रहा आंदोलन लगातार जनसमर्थन बटोरता जा रहा है। इसे करीब साढ़े तीन लाख लोग हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दे चुके हैं।
ये आंदोलन मध्यप्रदेश के छह और उत्तर प्रदेश के सात जिलों में आठ गैर राजनीतिक दलों द्वारा बनाए गए ‘बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले चल रहा है। आंदोलन का खाका इसी मोर्चा ने तैयार किया है। उक्त संगठनों द्वारा तैयार किए गएं संयुक्त मोर्चा में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा, मुक्ति मोर्चा, क्रांति दल, राज्य निर्माण सेना, जनक्रांति सेना, विकास सेना, बुंदेली समाज और बुंदेलखंड अधिकार आंदोलन शामिल हैं।
यह आंदोलन गत दिनों तब सुर्खिंयों में आया जब अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 603 दिनों से अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने को अपने आठ सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को बुंदेली भाषा में खून से खत लिखे। इसके साथ ही अधिकारियों से जिला अस्पताल के मानक तत्काल पूरे करवाने की अपील भी की गई।
पत्र में बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हजारों राखियां और लाखों खत भेजने के अलावा हम पांच बार उनको अपने खून से खत लिख चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी जब यहां की मरणासन्न स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ तो महोबा निवासी और प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और गृहमंत्री अमित शाह के निजी सचिव डॉ. राकेश मिश्र को खून से खत लिखे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने महोबा, हमीरपुर के सांसद एवं दोनों विधायकों को भी खून से खत लिखे हैं। खून से खत लिखने वालों में मेरे डॉ. अजय बरसैया, अरुण चतुर्वेदी, सुरेश बुंदेलखंडी, हरीओम निषाद, बद्रीप्रसाद, कल्लू चैरसिया, ज्ञासी लाल कोस्टा, जसवंत सिंह सेंगर व हरिश्चन्द्र राजपूत भी शामिल हैं।


