Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

मोदी भक्त बनते ही शेहला को न्याय मिल गया!

मुकेश गर्ग-

दिल्ली पुलिस कितनी दरियादिल है ना?

क्रोनालॉजी से समझिए :-

० एक दिन पुलिस शेहला रशीद पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करती है … शेहला रशीद को “देशद्रोही” बताती है,
० फिर एक दिन शेहला मोदी जी का गुणगान शुरू कर देती है … भाजपा का बिल्ला लगा लेती है,
० फिर दिल्ली पुलिस को अपनी गलती का अहसास हो जाता है,
० फिर पुलिस शेहला की बेक़सूरी की कोर्ट में अर्ज़ी लगाती है,
० फिर कोर्ट अर्ज़ी स्वीकार कर लेती है,
० और इस तरह शेहला देशद्रोही से “देशभक्त” बन जाती है!

इस उदाहरण से पता चलता है कि :-

  • कमज़ोर अगर कमज़ोर के साथ है तो उसको न्याय नही मिलता,
  • कमज़ोर अगर ताकतवर के साथ है तो उसे न्याय मिलने की गुंजाइश ज़्यादा है,
  • ताकतवर अगर ताकतवर के साथ है तो उसको न्याय की ज़रूरत नही क्योंकि उस पर कोई अन्याय नही कर सकता।

शेहला को अगर सिर्फ़ इस वजह से न्याय मिला होता कि वो निर्दोष है तो ये हमारी कानून व्यवस्था के लिए बहुत अच्छा होता!

लेकिन शेहला को इसलिए न्याय मिला क्योंकि उसने कमज़ोरों का साथ छोड़ कर ताक़तवर के कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए… ये हमारे देश के लिए हमारे संविधानिक नज़रिए के लिए, आम लोगों के कानून पर भरोसे के लिए, न्याय की आत्मा के लिए अच्छा नहीं है!


कविश अजीज-

शहला रशीद, कभी जेएनयू की क्रांतिकारी स्टूडेंट् हुआ करती थीं। फिर भाजपा की चरण वंदना करने लगीं और गोदी मीडिया की चहेती बन गईं।

शहला को सरकारी इनाम मिला और दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सेना के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए शहला पर देशद्रोह का मामला वापस लेने की दिल्ली पुलिस को इजाजत दे दिया।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन