नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर कंटेंट रेगुलेशन के नियमों को और सख़्त कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इसके लिए भारत के राजपत्र (The Gazette of India) में अधिसूचना जारी कर आईटी नियम, 2021 में संशोधन कर दिया है।
नए नियमों के मुताबिक, अब अगर किसी सोशल मीडिया पोस्ट या डिजिटल कंटेंट को सरकारी एजेंसियां आपत्तिजनक या भ्रामक बताकर फ्लैग करती हैं, तो उसे तीन घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह समय-सीमा 36 घंटे की थी।
सरकार का कहना है कि तेजी से फैल रहे भ्रामक, फर्जी और समाज को प्रभावित करने वाले कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है। अब सोशल मीडिया कंपनियों को सरकारी निर्देशों पर पहले से कहीं ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया देनी होगी।
एआई कंटेंट की पहचान भी जरूरी
संशोधित नियमों में एक और अहम प्रावधान जोड़ा गया है। अब यह भी अनिवार्य होगा कि कौन-सा कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है, इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाए। यानी प्लेटफॉर्म्स और यूजर्स को यह बताना पड़ेगा कि वीडियो, तस्वीर, ऑडियो या टेक्स्ट एआई जनरेटेड है या नहीं।
सरकार का मानना है कि डीपफेक, फर्जी वीडियो और एआई आधारित भ्रामक सामग्री के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था।
प्लेटफॉर्म और यूजर दोनों जिम्मेदार
नए नियमों के तहत सिर्फ सोशल मीडिया कंपनियां ही नहीं, बल्कि कंटेंट पोस्ट करने वाले यूजर्स की जिम्मेदारी भी तय की गई है। अगर कोई यूजर जानबूझकर भ्रामक या फर्जी एआई कंटेंट फैलाता है, तो उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह संशोधन डिजिटल स्पेस में जवाबदेही बढ़ाने और सूचना तंत्र को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि, पत्रकार और डिजिटल अधिकारों से जुड़े संगठन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संभावित दबाव के रूप में भी देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, नए गजट नोटिफिकेशन के बाद सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भारत में काम करना अब और ज्यादा कानूनी निगरानी और त्वरित अनुपालन से जुड़ा होगा।
नेशनल क्राइम इंवेस्टीगेशन ब्यूरो का ट्वीट-
भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट हटाने के नियमों को और सख़्त करने हेतु गजट जारी कर दिया है।
अब यदि किसी कंटेंट को सरकारी एजेंसियां फ्लैग करती हैं, तो उस कंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। पहले यह समय-सीमा 36 घंटे की थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों और उपयोगकर्ताओं दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है।
साथ ही, कौन-सा कंटेंट एआई से बनाया गया है, इसकी जानकारी देना भी अनिवार्य होगा।




