लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से कार्यक्रमों और योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है। यह पत्र सूचना निदेशक विशाल सिंह द्वारा जारी किया गया है, जिसमें सभी जिला सूचना अधिकारियों और सहायक निदेशकों को मीडिया समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, सरकार की योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया है। इसके तहत जिला स्तर पर सूचना विभाग के अधिकारियों को स्थानीय मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स के साथ सक्रिय संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम से एक दिन पहले “प्री-इवेंट कंटेंट” तैयार कर प्रमुख सूचनाएं साझा की जाएं। साथ ही कार्यक्रम का आधिकारिक लाइव लिंक भी प्रसारित किया जाए। कार्यक्रम के बाद दो घंटे के भीतर पोस्ट-इवेंट प्रेस रिलीज जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें कार्यक्रम के प्रभाव और लाभार्थियों की प्रतिक्रियाएं भी शामिल हों।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रमों के प्रमुख वीडियो अंश DIPR और सोशल मीडिया टीम द्वारा साझा किए जाएंगे, जिन्हें स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए।
इसके अलावा मीडिया कवरेज को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रिंट मीडिया में पहले पृष्ठ पर मुख्यमंत्री से संबंधित खबरों को प्राथमिकता देने और अन्य पृष्ठों पर भी मुख्यमंत्री से जुड़ी खबरों को स्थान देने की बात कही गई है।
चुनावी एंगल पर चर्चा
सूत्रों और जानकारों के बीच इस पहल को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अपने कामकाज और योजनाओं की पहुंच अधिकतम स्तर तक सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि चुनाव से पहले जनधारणा को मजबूत किया जा सके। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे केवल जनहित में बेहतर सूचना प्रसार की पहल बताया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इन निर्देशों के जरिए योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित होगा और आम जनता तक उनकी पहुंच और बेहतर तरीके से हो सकेगी।
देखें विशाल सिंह द्वारा जारी किया गया पत्र…




